Union Carbide Factory
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Bhopal Gas Tragedy: भोपाल गैस कांड के 41 साल; आज भी मौजूद हैं दर्द, बहुत ही दर्दनाक है भोपाल की भयानक त्रासदी
- Tuesday December 2, 2025
- Written by: अजय कुमार पटेल
Bhopal Gas Tragedy: भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र से दो-तीन दिसंबर 1984 की रात को जहरीली गैस का रिसाव हुआ था. इस रात हजारों लोग मौत की नींद सो गए थे और बड़ी संख्या पर इस जहरीली गैस ने अपना प्रभाव छोड़ा था. यह संयंत्र तो हादसे के बाद से बंद है. मगर, इसका दुष्प्रभाव अब भी लोगों की जिंदगी पर है. गैस की जद में आए लोग तो बीमारियों की गिरफ्त में हैं ही, साथ में जन्म ले रही पीढ़ी भी इससे बच नहीं पा रही है. इस हादसे की याद में राजधानी में 3 दिसंबर को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और हादसे का शिकार बने लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है.
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भोपाल गैस त्रासदी की राख से हो सकती है बड़ी तबाही! हाईकोर्ट ने कहा- सरकार के कदम पर्याप्त नहीं
- Wednesday October 15, 2025
- Reported by: साबिर खान, Edited by: धीरज आव्हाड़
भोपाल गैस त्रासदी की Toxic Ash अब फिर से खतरा बन गई है. High Court ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि 899 टन जहरीली राख को सुरक्षित स्थान पर निपटाया जाए. अदालत ने कहा कि अब तक उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं. Union Carbide Factory से बनी यह राख Mercury Contaminated Ash है.
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Union Carbide Waste Trial: यूनियन कार्बाइड के कचरे के तीसरे ट्रायल की प्रक्रिया शुरू, 270 किलो प्रति घंटे दर से 10 टन किया जाएगा नष्ट
- Monday March 10, 2025
- Written by: साबिर खान, Edited by: Ankit Swetav
Pithampur Union Carbide Waste: पीथमपुर यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का तीसरी ट्रायल सोमवार की शाम से शुरू हो गया. इसके बाद इसमें उच्च न्यायालय को रिपोर्ट पेश होनी है. लेकिन, दूसरी ओर प्रदर्शनकारी ट्रायल रन पर अभी भी सवाल उठा रहे हैं.
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Union Carbide Toxic Waste: आज से शुरू होगी यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को नष्ट करने की कार्रवाई, पहले चरण में जलाया जाएगा 10 टन कचरा
- Thursday February 27, 2025
- Reported by: Tanushri Desai, Edited by: मो. इफ्तेखार अहमद
Union Carbide Factory Toxic Waste Burning Process: कोर्ट से निर्देश मिलने के बाद शुक्रवार से कचरे की डिस्पोजल की प्रक्रिया शुरू होगी. सबसे पहले अलग-अलग कंटेनर्स में रखा हुआ कचरा निकाला जाएगा. एक मिक्सिंग की प्रक्रिया होगी, जिसे सर्वप्रथम पूरा किया जाएगा, इस बीच जलाने के लिए प्लांट को तैयार किया जाएगा, जिसमें 10 घंटे का समय लगेगा.
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Toxic waste in Pithampur: सरकार ने हाई कोर्ट से मांगा समय, अब 6 सप्ताह बाद पीथमपुर में कचरा निपटान पर होगी सुनवाई
- Monday January 6, 2025
- Written by: संजीव चौधरी, Edited by: Priya Sharma
Toxic waste in Pithampur: सरकार ने हाई कोर्ट से मांगा समय, अब 6 सप्ताह बाद पीथमपुर में कचरा निपटान पर होगी सुनवाई
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पीथमपुर में 'जहरीले कचरे' का विरोध, तमाम संगठनों ने 3 जनवरी को बुलाया शहर बंद
- Thursday January 2, 2025
- Reported by: साबिर खान, Edited by: रविकांत ओझा
यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को लेकर पीथमपुर में विरोध तेज हो गया है. इसे लेकर पीथमपुर से लेकर दिल्ली तक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली में जंतर-मंतर पर पीथमपुर बचाओ समिति ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में मानव अधिकार परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. दूसरी तरफ पीथमपुर के महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर सर्वदलीय धरने का आयोजन किया गया. इ
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पीथमपुर वाले घबराएं नहीं, भोपाल का 'जहरीला कचरा' इसलिए नहीं है आपके लिए खतरा
- Thursday January 2, 2025
- Reported by: आकाश द्विवेदी, Edited by: रविकांत ओझा
भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के गोदाम में 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा पीथमपुर पहुंच चुका है.अब इसको नष्ट किए जाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.इस कचरे को लेकर तमाम तरह की आशंकाएं हैं. पीथमपुरा में ऐसा सुना और सुनाया जा रहा है कि ये कचरा यहां के लिए खतरा है. यहां भी भोपाल जैसा कुछ हादसा हो सकता है. ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि इस पूरे कचरे को निपटाने का प्रोसेस क्या है?
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भोपाल गैस कांड के जहरीले कचरे का पीथमपुर में विरोध, CM ने कहा- डरने की जरूरत नहीं, असर खत्म
- Thursday January 2, 2025
- Written by: अजय कुमार पटेल
Bhopal Gas Tragedy: यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री (Union Carbide Factory) से 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे (Toxic Waste) का निपटान पीथमपुर (Pithampur) में किया जाएगा, लेकिन पहले किए गए परीक्षणों में असफलता और खतरनाक रसायनों के उत्सर्जन की आशंका से पीथमपुर और आसपास के लोग परेशान और डरे हुए हैं. वहीं सरकार ने भरोसा दिलाया है कि डरने की जरूरत नहीं है.
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सरकार का दावा- 1 साल में भोपाल के कचरे को ठिकाने लगा देंगे, सवाल-पीड़ितों को राहत कब?
- Wednesday January 1, 2025
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: रविकांत ओझा
भोपाल गैस त्रासदी हर कदम पर त्रासद ही रही है.अब सरकार यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का निपटान इंदौर के पीथमपुर स्थित ट्रीटमेंट स्टोरेज डिस्पोजल फैसिलिटी में करने जा रही है. परेशानी ये है कि यहां भी कचरे के निष्पादन के लिए किए गए परीक्षणों में से छह असफल ही रहे हैं. इस अभियान की चर्चा पूरे देश में है.
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भोपाल से निकले 'जहरीले जिन्न' का अब इंदौर पर खतरा ! 25 की जगह 126 करोड़ में होगा खत्म
- Wednesday January 1, 2025
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: रविकांत ओझा
भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद एक फिर त्रासदी जैसा ही कुछ होने जा रहा है. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का निपटान इंदौर के पीथमपुर स्थित ट्रीटमेंट स्टोरेज डिस्पोजल फैसिलिटी में होगा लेकिन यहां पहले किए गए परीक्षणों में से छह असफल रहे हैं और दूसरा ये कि इसके परिणाम स्वरुप अत्यधिक जहरीले रसायनों का उत्सर्जन हुआ है जिससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है.
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Bhopal Gas Tragedy: भोपाल गैस कांड के 41 साल; आज भी मौजूद हैं दर्द, बहुत ही दर्दनाक है भोपाल की भयानक त्रासदी
- Tuesday December 2, 2025
- Written by: अजय कुमार पटेल
Bhopal Gas Tragedy: भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड संयंत्र से दो-तीन दिसंबर 1984 की रात को जहरीली गैस का रिसाव हुआ था. इस रात हजारों लोग मौत की नींद सो गए थे और बड़ी संख्या पर इस जहरीली गैस ने अपना प्रभाव छोड़ा था. यह संयंत्र तो हादसे के बाद से बंद है. मगर, इसका दुष्प्रभाव अब भी लोगों की जिंदगी पर है. गैस की जद में आए लोग तो बीमारियों की गिरफ्त में हैं ही, साथ में जन्म ले रही पीढ़ी भी इससे बच नहीं पा रही है. इस हादसे की याद में राजधानी में 3 दिसंबर को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और हादसे का शिकार बने लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है.
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भोपाल गैस त्रासदी की राख से हो सकती है बड़ी तबाही! हाईकोर्ट ने कहा- सरकार के कदम पर्याप्त नहीं
- Wednesday October 15, 2025
- Reported by: साबिर खान, Edited by: धीरज आव्हाड़
भोपाल गैस त्रासदी की Toxic Ash अब फिर से खतरा बन गई है. High Court ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि 899 टन जहरीली राख को सुरक्षित स्थान पर निपटाया जाए. अदालत ने कहा कि अब तक उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं. Union Carbide Factory से बनी यह राख Mercury Contaminated Ash है.
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Union Carbide Waste Trial: यूनियन कार्बाइड के कचरे के तीसरे ट्रायल की प्रक्रिया शुरू, 270 किलो प्रति घंटे दर से 10 टन किया जाएगा नष्ट
- Monday March 10, 2025
- Written by: साबिर खान, Edited by: Ankit Swetav
Pithampur Union Carbide Waste: पीथमपुर यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का तीसरी ट्रायल सोमवार की शाम से शुरू हो गया. इसके बाद इसमें उच्च न्यायालय को रिपोर्ट पेश होनी है. लेकिन, दूसरी ओर प्रदर्शनकारी ट्रायल रन पर अभी भी सवाल उठा रहे हैं.
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Union Carbide Toxic Waste: आज से शुरू होगी यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को नष्ट करने की कार्रवाई, पहले चरण में जलाया जाएगा 10 टन कचरा
- Thursday February 27, 2025
- Reported by: Tanushri Desai, Edited by: मो. इफ्तेखार अहमद
Union Carbide Factory Toxic Waste Burning Process: कोर्ट से निर्देश मिलने के बाद शुक्रवार से कचरे की डिस्पोजल की प्रक्रिया शुरू होगी. सबसे पहले अलग-अलग कंटेनर्स में रखा हुआ कचरा निकाला जाएगा. एक मिक्सिंग की प्रक्रिया होगी, जिसे सर्वप्रथम पूरा किया जाएगा, इस बीच जलाने के लिए प्लांट को तैयार किया जाएगा, जिसमें 10 घंटे का समय लगेगा.
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Toxic waste in Pithampur: सरकार ने हाई कोर्ट से मांगा समय, अब 6 सप्ताह बाद पीथमपुर में कचरा निपटान पर होगी सुनवाई
- Monday January 6, 2025
- Written by: संजीव चौधरी, Edited by: Priya Sharma
Toxic waste in Pithampur: सरकार ने हाई कोर्ट से मांगा समय, अब 6 सप्ताह बाद पीथमपुर में कचरा निपटान पर होगी सुनवाई
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पीथमपुर में 'जहरीले कचरे' का विरोध, तमाम संगठनों ने 3 जनवरी को बुलाया शहर बंद
- Thursday January 2, 2025
- Reported by: साबिर खान, Edited by: रविकांत ओझा
यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को लेकर पीथमपुर में विरोध तेज हो गया है. इसे लेकर पीथमपुर से लेकर दिल्ली तक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली में जंतर-मंतर पर पीथमपुर बचाओ समिति ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में मानव अधिकार परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. दूसरी तरफ पीथमपुर के महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर सर्वदलीय धरने का आयोजन किया गया. इ
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पीथमपुर वाले घबराएं नहीं, भोपाल का 'जहरीला कचरा' इसलिए नहीं है आपके लिए खतरा
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- Reported by: आकाश द्विवेदी, Edited by: रविकांत ओझा
भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के गोदाम में 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा पीथमपुर पहुंच चुका है.अब इसको नष्ट किए जाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.इस कचरे को लेकर तमाम तरह की आशंकाएं हैं. पीथमपुरा में ऐसा सुना और सुनाया जा रहा है कि ये कचरा यहां के लिए खतरा है. यहां भी भोपाल जैसा कुछ हादसा हो सकता है. ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि इस पूरे कचरे को निपटाने का प्रोसेस क्या है?
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भोपाल गैस कांड के जहरीले कचरे का पीथमपुर में विरोध, CM ने कहा- डरने की जरूरत नहीं, असर खत्म
- Thursday January 2, 2025
- Written by: अजय कुमार पटेल
Bhopal Gas Tragedy: यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री (Union Carbide Factory) से 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे (Toxic Waste) का निपटान पीथमपुर (Pithampur) में किया जाएगा, लेकिन पहले किए गए परीक्षणों में असफलता और खतरनाक रसायनों के उत्सर्जन की आशंका से पीथमपुर और आसपास के लोग परेशान और डरे हुए हैं. वहीं सरकार ने भरोसा दिलाया है कि डरने की जरूरत नहीं है.
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सरकार का दावा- 1 साल में भोपाल के कचरे को ठिकाने लगा देंगे, सवाल-पीड़ितों को राहत कब?
- Wednesday January 1, 2025
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: रविकांत ओझा
भोपाल गैस त्रासदी हर कदम पर त्रासद ही रही है.अब सरकार यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का निपटान इंदौर के पीथमपुर स्थित ट्रीटमेंट स्टोरेज डिस्पोजल फैसिलिटी में करने जा रही है. परेशानी ये है कि यहां भी कचरे के निष्पादन के लिए किए गए परीक्षणों में से छह असफल ही रहे हैं. इस अभियान की चर्चा पूरे देश में है.
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भोपाल से निकले 'जहरीले जिन्न' का अब इंदौर पर खतरा ! 25 की जगह 126 करोड़ में होगा खत्म
- Wednesday January 1, 2025
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: रविकांत ओझा
भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद एक फिर त्रासदी जैसा ही कुछ होने जा रहा है. यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 350 मीट्रिक टन जहरीले कचरे का निपटान इंदौर के पीथमपुर स्थित ट्रीटमेंट स्टोरेज डिस्पोजल फैसिलिटी में होगा लेकिन यहां पहले किए गए परीक्षणों में से छह असफल रहे हैं और दूसरा ये कि इसके परिणाम स्वरुप अत्यधिक जहरीले रसायनों का उत्सर्जन हुआ है जिससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है.
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