विज्ञापन
  • ब्लॉग राइटर

    ब्लॉग राइटर

  • img

    पाकिस्तान का टूटता तारा - बलूचिस्तान

    Balochistan Vs Pakistan: इन दिनों बलूचिस्तान की चर्चा जमकर हो रही है. पाकिस्तान और आफगानिस्तान के बीच बलोच लोगों की अपनी मांगें हैं. आइए जानते हैं बलूचिस्तान से जुड़ी अहम जानकारियां.

  • img

    International Women's Day 2025: महिला सशक्तिकरण : विकसित राष्ट्र के विकास का आधार स्तम्भ

    International Women's Day 2025: भारतीय जीवनशैली में महिलाओं की भूमिका सदैव अग्रणी रही है. हम जितने अधिक अवसर बहन-बेटियों को देंगे, सुविधाएँ देंगे तो वे समाज को कई गुना लौटाकर देंगी. महिला शक्ति से देश नई ऊँचाई तक पहुँच सकता है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है. समय के साथ शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में उनकी भूमिका बढ़ रही है.

  • img

    विकसित रेल-विकसित भारत “विश्व स्तरीय” से “श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ”

    Viksit Rail Viksit Bharat: अपनी नई रेलगाड़ियों, आधुनिक स्टेशनों, तेज गति, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और हाई स्पीड नेटवर्क के साथ, भारतीय रेलवे अब एक प्रमुख विश्व स्तरीय रेलवे प्रणाली है और इसकी कहानी ऐसी है जिसे भारत अन्य देशों तक ले जा सकता है, जिन्होंने अभी तक राष्ट्रीय विकास को बढावा देने में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका का पूरी तरह से लाभ नहीं प्राप्त किया है.

  • img

    हिंदवी स्वराज्य : एक परिपूर्ण व्यवस्था

    शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की एक परिपूर्ण व्यवस्था तैयार की थी. अपने देश में मुस्लिम आक्रांताओं के आने से पहले, राज-काज संस्कृत में, या संस्कृत प्रचुर स्थानिक भाषाओं में होता था. किन्तु मुस्लिम आक्रांताओं ने इस देश के व्यवहार की भाषा को फारसी में बदल दिया. ऐसी भाषा, जो जन-सामान्य को समझती ही नहीं थी. सारे आज्ञापत्र फारसी में ही निकलते थे.  

  • img

    26 जनवरी: संविधान सभा की बेहद खास बहसों को याद करने का दिन

    76th Republic Day: 26 जनवरी संविधान सभा की उन बहसों को भी याद करने का दिन है जिनमें तीन वर्षों तक लगातार सभा के विद्वान सदस्यों ने देश का सर्वोच्च विधान तैयार करने के लिए छोटे-छोटे बिंदुओं पर लंबी श्रमसाध्य बहसें कीं ताकि भारत को एक समृद्ध, संप्रभु, न्याय और विवेकसम्मत राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा में मिल सके.

  • img

    नमस्कार, मैं बस्तर का पत्रकार हूं...पोल खोली तो फंसाया या मारा जाऊंगा ! 

    छत्तीसगढ़ के बस्तर में पत्रकारिता करना बेहद जोखिम भरा है. यहां पत्रकार विषम परिस्थितियों में काम कर रहे हैं.

  • img

    स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन: संवाद, सामर्थ्य और समृद्धि की त्रिवेणी

    National Youth Day 2025: "मुझे विश्वास है कि यह मिशन युवाओं के सपनों को साकार करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल होगा. प्राचीन, सुसंस्कृत और चिर युवा भारत की यह त्रिवेणी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभायेगी. युवा अपने सपनों को साकार करें, स्वयं आगे बढ़ें और समाज, देश तथा प्रदेश को आगे बढ़ायें."

  • img

    ठहाकों का साथी,सच्चाई का सिपाही और बस्तर का बेटा था मुकेश चंद्राकर

    मुकेश चंद्राकर- एक ऐसा नाम जो बस्तर की बुलंद आवाज़ थे. उनमें बस्तर की आत्मा बसती थी. वे खबरों की रिपोर्ट नहीं करते थे बल्कि उसमें बस्तर की पीड़ा होती थी. बस्तर के संघर्ष के वे चश्मदीद गवाह होते थे. तभी तो जब सरकार और सुरक्षाबल थक-हार गए थे तब मुकेश उनके लिए ताकत बन कर खड़े हुए थे. इसी का परिणाम पूरी दुनिया ने तब देखा जब वो नक्सलियों के कब्जे से CRPF के कमांडो को छुड़ा लाए थे. इस रिपोर्ट में पढ़िए उनके पत्रकार साथियों की जुबानी उनकी कहानी.

  • img

    अटल जी के नदी जोड़ो स्वप्न से मिली जनगण को सौगात

    अटल जी एक आदर्शवादी राजनेता के साथ एक काव्य साधक भी थे. उनकी काव्य साधना में मानव समाज और राष्ट्र के प्रति उनकी व्यक्तिगत संवेदनशीलता आद्योपांत प्रकट होती है. वह एक ऐसे भारत के निर्माण का स्वप्न देखते थे, जो भूख, भय, गरीबी, निरक्षरता और अभाव से मुक्त हो.

  • img

    Opinion : ख़ुशी के मायने क्या ?

    जिन्हें बहुत कुछ मिला है, वे अक्सर उन चीज़ों की कदर नहीं कर पाते जो उनके पास है. यूँ तो उनके पास पैसा है, घर है, गाड़ी है, लेकिन फिर भी वे किसी न किसी कमी का दुख मनाते रहते हैं. वहीं, जिनके पास कम है वे तमाम छोटी चीजों को आशीर्वाद मानते हैं.

  • img

    महापरिनिर्वाण दिवस: डॉ बीआर अम्बेडकर और संविधान

    Mahaparinirvan Diwas 2024: आज डॉ बीआर अम्बेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है. समाज का एक बड़ा तबका उन्हें भारतीय संविधान का निर्माता मानता है. वहीं एक और बात बहुत प्रचलित है कि भारतीय संविधान विदेशी संविधानों की नकल है. ऐसा कहने वाले संविधान निर्माण में अम्बेडकर की भूमिका को कम करके दर्शाना चाहते हैं. ऐसे भ्रमों को स्वयं अम्बेडकर ने दूर किया है. आइए जानते हैं संविधान निर्माण में उनकी भूमिका और इससे जुड़ी उनकी चिंताओं के बारे में.

  • img

    संविधान की सफलता के सूत्र

    संविधान सभा में भारत के संविधान को सफल बनाने के लिए जो सूत्र दिए गये थे, उनको जानना और समझना बहुत जरूरी है. खासकर उन लोगों को ये सूत्र जानना चाहिए, जो संवैधानिक मूल्यों को जाने-समझे बिना, संविधान का विश्लेषण करते हैं या फिर संविधान को खारिज करने का अभियान चलाते हैं.

  • img

    संविधान दिवस : मनसा वाचा कर्मणा में हों संवैधानिक मूल्य

    संवैधानिक मूल्य हमें सही और ग़लत में फर्क करना सिखाते हैं. संवैधानिक मूल्य की जिम्मेदारी और पालन देखें, तब समझ आता है कि, यह हमारी नैतिकता पर निर्भर करता है. कई बार हमारा आचरण, व्यवहार और कार्य में संवैधानिक मूल्यों का पालन‌ नजर नहीं आता, जिससे संवैधानिक मूल्यों को क्षति पहुंचती है.

  • img

    मिट रही जनजातियों की भाषाओं से खतरे में भारत की आदिम संस्कृति

    भाषाओं की विलुप्ति की महामारी ने  कई भाषाओं को अपनी जद में ले लिया है. कुछ भाषा विज्ञानी यहां तक कहते हैं कि 3.5 महीने में एक भाषा दम तोड़ रही है. अंग्रेजी जैसी वैश्विक भाषा की जद में पूरी दुनिया आ चुकी है. भारत ही नहीं दुनिया भर की भाषाओं के लिए अंग्रेजी खतरा बन चुकी है. विश्व की तीसरी भाषा होने के बाद भी हिंदी अपने देश में संरक्षण की मोहताज है.

  • img

    राष्ट्र चेतना का हुंकार-जनजातीय गौरव दिवस

    जनजातीय गौरव दिवस का महत्व केवल बिरसा मुंडा के योगदान को याद करने तक सीमित नहीं है. यह जनजातीय समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का जश्न मनाने का भी दिन है. जनजातीय समाज ने भारत के इतिहास में अहम भूमिका निभाई है.

  • img

    छठ में प्रकृति का कण-कण सिंदूरी होने की कामना है

    छठ पर्व अपने आप में अनूठा पर्व है. होली दशहरा, दिवाली,दुर्गा पूजा या सनातन का कोई अन्य पर्व हो, सभी रूढ़ियों और परम्परा द्वारा संचालित होते हैं जबकि छठ में रूढ़ि और परम्परा के साथ प्रचलन का भी समावेश है. छठ पर्व सरीखा सनातन में कोई अन्य पर्व नहीं है जो हर पर्व के साथ समाज के नए प्रचलन को समाहित करता हो. रूढ़ि, प्रचलन और परम्परा का समागम होने की वजह से यह सनातन के नयापन का वाहक है.

  • img

    5 अहम सवाल जो VCs आपसे पूछेंगे – कैसे दें उत्तर ?

    मेरे पिछले तीन ब्लॉग में आपने पढ़ा कि स्टार्टअप आइडिया कैसे खोजें, कैसे करें आप सही शुरुआत और अपने स्टार्टअप में फंडिंग का इंतजाम कैसे करें? अब आप पढ़िए वेंचर कैपिटल के लिए फंडिंग कैसे प्राप्त करें. दरअसल वेंचर कैपिटल (VC) फंडिंग प्राप्त करना किसी भी स्टार्टअप के लिए एक कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है. निवेशक आपके व्यवसाय की क्षमता को जानने के लिए गंभीर प्रश्न पूछते हैं.

  • img

    वो फिल्म जिसमें बयां कर गई थी रेखा अपनी 'जिंदगी की कहानी'

    उमेश मेहरा द्वारा लिखी गई फिल्म की कहानी भी रेस्लिंग की दुनिया से पैसा कमाने वाली मैडम माया के इर्द गिर्द बुनी गई है. मैडम माया का किरदार निभाने के लिए निर्देशक को जिस फैशनेबल और जिद्दी चेहरे की जरूरत  थी, बॉलीवुड में उस चेहरे के लिए रेखा से बेहतर और कोई चेहरा हो ही नहीं सकता था.

  • img

    स्टार्टअप फंडिंग- क्या करें क्या न करें?

    निवेशकों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने पहले कहां काम किया.उन्हें इस बात में दिलचस्पी है कि आपका आइडिया क्या है और आप इसे कैसे पूरा करेंगे. इस लिहाज से समझने की कोशिश करते हैं कि हम अपने स्टार्टअप की फंडिंग का इंतजाम कर सकते हैं.

  • img

    कैसे हुई थी माधवराव सिंधिया की मौत? PM अटल समेत पूरी संसद पहुंची थी अंत्येष्ठि में

    30 सितंबर को यह फाइनल होना था और दोपहर का समय इसको अंतिम रूप देने के लिए तय हुआ था. माधव राव इस आयोजन को लेकर बहुत ही उत्साहित थे और प्रफुल्लित भी, लेकिन 30 सितंबर को अचानक उनका दिल्ली से कानपुर जाने का कार्यक्रम बन गया.

अन्य ब्लॉग
Close