
Two Children Policy: छतरपुर जिले में एक महिला टीचर को तीसरे बच्चे को जन्म देना भारी पड़ गया, क्योंकि इससे उसकी सरकारी नौकरी खतरे में आई. मामले की जांच के बाद संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग ने महिला शिक्षिका की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया, इससे अब प्रदेश के तीन बच्चों वालों महिला व पुरुषों कर्मचारियों में हड़कंप मच गई है और उनमें भी सरकारी नौकरी खोने का भय व्याप्त हो गया है.
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जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल, जिले के ग्राम धमौरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तैनात माध्यमिक शिक्षक रंजीता साहू को तीसरे बच्चे के जन्म की जानकारी छिपाने के लिए बर्खास्त किया गया है. जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच करवाई और शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया, लेकिन जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया.
क्या कहता है सरकारी नियम?
रिपोर्ट के मुताबिक बर्खास्त की गई शिक्षका रंजीता साहू को 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान हुई है. नियम के अनुसार मध्य प्रदेश पंचायत संविदा शाला (नियोजन एवं संविदा की शर्त) नियम 2005 की अनुसूची दो (ख) (9) का ये उल्लंघन है. इसी के मद्देनजर जिला शिक्षा अधिकारी ने महिला शिक्षिका बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है.
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तीसरे बच्चे की जानकारी छुपाकर योजनाओं का लाभ ले रही थी शिक्षिका
दरअसल, बर्खास्त रंजीता साहू ने अपने तीसरे बच्चे के जन्म की जानकारी विभाग से छिपाई थी, मामले की शिकायत के बाद विभाग मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की थी. जांच में पता चला कि 26 जनवरी 2001 के बाद शिक्षिका को तीसरी संतान हुई थी, लेकिन जानकारी छुपाकर शिक्षिका सरकारी योजनाओं का लाभ लेती रही.
नियमों का उल्लंघन मानते हुए शिक्षिका की बर्खास्तगी का आदेश जारी हुआ
जांच में दोषी पाई गईं शिक्षिका रंजीता साहू को गत 6 फरवरी 2025 को कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, लेकिन विभाग को उनका जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. इसके बाद संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग ने उनके कृत्य को नियमों का उल्लंघन मानते हुए उनकी शासकीय सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया.
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