
Bambarvaini Temple: छतरपुर जिले में ऊंची पर्वत शृंखलाओं में विराजमान मां बम्बरवैनी मंदिर को मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बुधवार को पवित्र स्थल घोषित कर दिया है. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में आजप्रस्ताव को मंजूरी दी गई.
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विराजमान मां बम्बरवैनी के प्राचीन स्थल को पवित्र स्थान घोषित किया गया
मध्य प्रदेश सरकार ने 52 पहाड़ों के मध्य बावनवैणी पर्वत श्रृंखला पर 500 फीट ऊंचे पर्वत शृंखलाओं में विराजमान मां बम्बरवैनी के प्राचीन स्थल खसरा नंबर- 2157 रकबा 0.012 हैक्टेयर व खसरा नंबर-2158 रकबा 30.375 हैक्टेयर को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है. हालांकि लोगों की है कि समूचे नगर को पवित्र नगर घोषित करने की जरूरत है
साल 2022 में सांसद ने पवित्र स्थल घोषित करने के लिए दिया था प्रस्ताव
गौरतलब है 7 अप्रैल, साल 2018 में माता बम्बरवैनी के स्थान को पवित्र क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव नगर परिषद ने छतरपुर कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा था. इसके बाद विधायक अरविंद पटैरिया ने सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को उक्त प्रस्ताव दिया था, जिस पर अब सरकार ने मुहर लगा दी है.
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त्रेता युग से जुड़ा है पर्वत शृंखलाओं पर विराजमान मां बम्बरवैनी का इतिहास
नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं से खचाखच भर रहने वाला मां बम्बरवैनी मंदिर का इतिहास त्रेता युग से जुड़ा है. इस पर्वत शृंखला पर महर्षि वाल्मीकि का आश्रम भी है. किंवदंती के अनुसार माता सीता का अयोध्या से निष्कासन के बाद यही पर वाल्मीकि आश्रम में रही थीं. इसी आश्रम में ही भगवान लव और कुश का जन्म हुआ था.
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मां बम्बरवैणी मंदिर को पवित्र क्षेत्र घोषित होने से खुलेंगे विकास के द्वार
छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि माता बम्बरवैणी स्थल को पवित्र क्षेत्र घोषित किए जाने से अब मंदिर क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे. इसके सौंदर्याकरण व विकास के गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे. विधायक अरविंद पटैरिया ने कहा कि उनका लक्ष्य समूचे लवकुशनगर को पवित्र नगर घोषित करवाकर नई इबारत लिखना है.
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