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सूखे नशे की सप्लाई से लेकर साइबर फ्रॉड तक को रोकना बड़ी चुनौती, पद संभालते ही रायपुर के पहले कमिश्नर ने ये बताया अपना प्लान

Raipur Police Commissioner Dr Sanjeev Shukla: रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सूखे नशे पर रोक लगाने के लिए गोगो पेपर, रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. यह फैसला पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के सात दिन के भीतर लिया गया पहला बड़ा कदम है.

सूखे नशे की सप्लाई से लेकर साइबर फ्रॉड तक को रोकना बड़ी चुनौती, पद संभालते ही रायपुर के पहले कमिश्नर ने ये बताया अपना प्लान

Raipur Police Commissioner Dr Sanjeev Shukla: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सूखे नशे के उपयोग में इस्तेमाल होने वाले ‘गोगो पेपर केक' की खरीद, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. रायपुर में 23 जनवरी 2026 को पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के सात दिन बाद यह पहला बड़ा आदेश जारी किया गया है.

न्यायिक अधिकार के तहत लिया गया फैसला

NDTV से बातचीत में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि न्यायिक अधिकारों के तहत उनका पहला आदेश गोगो पेपर पर पूर्ण प्रतिबंध का है. सूखे नशे के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह बड़ा कदम उठाया गया है. रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में स्मोकिंग कोन (गोगो पेपर), रोलिंग पेपर और परफेक्ट रोल पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है. 

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Raipur Police Commissioner Dr Sanjeev Shukla

Raipur Police Commissioner Dr Sanjeev Shukla                                                       Photo Credit: NDTV

 रेड के बाद लिया गया निर्णय

डॉ. शुक्ला ने कहा कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली का बड़ा लाभ यह है कि ऐसे निर्णय तुरंत लिए जा सकते हैं. दो दिन पहले पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गोगो पेपर जब्त किए थे. इसके बाद प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया. पहले इस तरह के निर्णय लेने का अधिकार कलेक्टर के पास होता था, लेकिन अब धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास है.

नशे के अवैध कारोबार पर कैसे लगेगी रोक?

डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि हेरोइन, प्रतिबंधित ड्रग्स, चिट्टा और कोकीन जैसे नशे के कारोबार की सप्लाई चेन को तोड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि मेन-टू-मेन मार्किंग के जरिए न सिर्फ ड्रग्स कोरियर, बल्कि नशा कहां से आ रहा है और किसे सप्लाई किया जा रहा है, वहां तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

आम जनता को कैसे मिलेगी राहत?

कई बार पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज न करने या मदद न मिलने की शिकायतों पर डॉ. शुक्ला ने कहा कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं. वरिष्ठ अधिकारियों की लगातार मॉनिटरिंग में सभी थानों पर निगरानी रखी जा रही है.
उन्होंने बताया कि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना प्राथमिकता है. पुलिस कमिश्नर प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यही है कि कई मामलों में तुरंत फैसले लिए जा सकते हैं. राजधानी में पहले काम करने के अनुभव के आधार पर चुनौतियों को समझते हुए अनुभवी और युवा आईपीएस अधिकारियों की टीम के साथ काम किया जा रहा है, ताकि आम जनता को अधिकतम लाभ मिल सके. 

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