Raipur Septic Tank Deaths: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रामकृष्ण हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया. सफाई के लिए उतारे गए तीन मजदूर जहरीली गैस के संपर्क में आए और एक‑एक कर बेहोश होते गए. उन्हें बचाया नहीं जा सका और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी तनाव का माहौल है.
हादसा कैसे हुआ?
जानकारी के मुताबिक, रामकृष्ण हॉस्पिटल के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए तीन मजदूरों को भीतर उतारा गया था. टैंक के अंदर जहरीली गैस (संभावित रूप से मीथेन/हाइड्रोजन सल्फाइड) जमा थी. अंदर उतरते ही एक की हालत बिगड़ी, उसे बचाने के लिए दूसरा और फिर तीसरा भी नीचे गया, लेकिन दम घुटने से तीनों की मौत हो गई.
मृतकों की पहचान
हादसे में जिन मजदूरों की जान गई, उनकी पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है. तीनों रायपुर के सिमरन सिटी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं. घटना की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए.
अस्पताल में पहुंचे परिजन, पुलिस बल तैनात
मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे. शोक और आक्रोश के चलते अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई, जिस पर नियंत्रण के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर शांत बने रहने की अपील की.
जांच और प्रारंभिक कार्रवाई
घटना की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस ने मौका‑ए‑मुआयना किया. प्रारंभिक तौर पर यह सुरक्षा उपकरणों और मानक प्रोटोकॉल के अभाव का मामला प्रतीत होता है जैसे गैस टेस्टिंग, ब्लोअर/वेंटिलेशन, ऑक्सीजन सपोर्ट, सेफ्टी हार्नेस और रेस्क्यू लाइन का उपयोग. पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है. तकनीकी जांच टीम से भी रिपोर्ट ली जा रही है, जिसके आधार पर लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
क्यों खतरनाक होते हैं सेप्टिक टैंक?
सेप्टिक टैंकों में अक्सर मीथेन, हाइड्रोजन सल्फाइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें जमा हो जाती हैं. ये गैसें बेहोशी, दम घुटना, और अचानक मौत का कारण बन सकती हैं. ऐसे में बिना गैस मॉनिटरिंग और सेल्फ‑कंटेन्ड ब्रीदिंग अपरेटस (SCBA) के उतरना बेहद जोखिम भरा होता है.
रायपुर से जुल्फिकार अली की रिपोर्ट...