मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में आस्था के नाम पर अंधविश्वास का एक अनोखा मामला सामने आ रहा है. जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम सांचेत स्थित काल भैरव धाम में बड़ी संख्या में भक्त शराब की बोतलें लेकर पहुंच रहे हैं. दरअसल, ऐसी मान्यता है कि काल भैरव को शराब चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसी विश्वास के चलते हर शनिवार को यहां सैकड़ों श्रद्धालु शराब की बोतलें चढ़ाकर मन्नत मांगते नजर आते हैं.
कई राज्यों से आते हैं भक्त
रायसेन जिले के ग्राम सांचेत में स्थित काल भैरव धाम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां हर शनिवार को दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मंदिर में आने वाले भक्त अपने साथ शराब की बोतलें लेकर आते हैं और मान्यता के अनुसार काल भैरव को अर्पित करते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि बाबा काल भैरव को शराब चढ़ाने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. यही वजह है कि मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना सहित कई राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.
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धाम के पीठाधीश्वर नाना गुरु सरकार का कहना है कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं और बाबा काल भैरव से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं. उनका दावा है कि यहां आने वाले कई लोगों ने शराब की लत भी छोड़ी है. वहीं, दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने इस दरबार की काफी ख्याति सुनी थी, जिसके बाद यहां हाजिरी लगाने पहुंचे हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा काल भैरव के आशीर्वाद से उनके बिगड़े काम भी बन रहे हैं और मनोकामनाएं पूरी हो रही हैं. हालांकि, आस्था और अंधविश्वास के बीच की यह परंपरा अब चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां भक्त अपनी मन्नत पूरी होने की उम्मीद में काल भैरव को शराब अर्पित कर रहे हैं.
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