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छत्तीसगढ़ में अब समितियों से नहीं मिलेगा गोबर ! ऑनलाइन पोर्टल हुए बंद, जानिए वजह

Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के किसान (Kisan) अब खरीफ की फसलों की तैयारी शुरु कर दी है, कोरिया जिले के बैकुंठपुर (Baikunthpur) में जून माह के शुरुआती दिनों से ही किसान खरीफ की फसल की तैयारी में जुट गए हैं, इस बार प्रशासन ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने वाली है,

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छत्तीसगढ़ में अब समितियों से नहीं मिलेगा गोबर ! ऑनलाइन पोर्टल हुए बंद, जानिए वजह
Chhattisgarh: अब समितियों से किसानों को नहीं मिलेगा गोबर खाद, ऑनलाइन पोर्टल बंद.

Chhattisgarh latest Hindi News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरिया जिले के बैकुंठपुर (Baikunthpur) में जून (June) माह के शुरू होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खरीफ फसल  (Kharif Crop) की तैयारी में जुट गए हैं. इधर प्रशासन भी खाद बीज की ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने की तैयारी में जुटा हैं, लेकिन यह तैयारी 15 जून के बाद धरी की धरी रह जाती है. क्योंकि बाजार में सैकड़ों दुकानों में धड़ल्ले से खाद-बीज बेचा जाता है. इस साल कोरिया जिला मुख्यालय में खाद बीज बेचने के लिए 30 दुकानों का लाइसेंस जारी किया गया है. जबकि कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर, पटना, सोनहत समेत बचरापोड़ी और एमसीबी जिले के शहरी एवं पंचायतों में करीब 150 से अधिक दुकानों में खाद बीज बेच रहे हैं. जिसकी जांच शुरू नहीं की गई है.

इन फसलों का रकबा बढ़ाने पर दिया जोर..

कोरिया जिले के किसानों को समय पर बिना परेशानी के खाद बीज उपलब्ध हो सके, इसके लिए कोरिया जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में रबी फसल वर्ष 2023-24 और खरीफ वर्ष 2024 के संबंध में जिला स्तरीय बैठक लेकर जानकारी ली. यहां बता दें कि जिले के 29 हजार रजिस्टर्ड किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद बीज के भंडार की बात कही गई है. वहीं, इस साल धान की फसल के अलावा मिलेट्स के तहत कोदो- कुटकी, रागी, ज्वार, दलहन, तिलहन आदि फसलों के रकबा को बढ़ाने के लिए कहा गया है. 

लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई..

यहां बता दें कि समितियों में बड़ी संख्या में किसान खाद लेने पहुंच रहे हैं. जिले में खरीफ वर्ष 2024 फसल सीजन में खाद-बीज की किसी भी तरह ब्लैक मार्केटिंग या अधिक दाम पर बेचने की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही लाइसेंस रद्द करने की भी कार्रवाई जिला प्रशासन के द्वारा की जाएगी. इसके लिए कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश में दे दिया है. वहीं, जिले की 21 समितियों में 56 हजार 321.26 क्विंटल खाद का भंडारण किया गया है. जिसमें 15 हजार 2012 क्विंटल खाद का वितरण अबतक किया जा चुका है.

खाद की ब्लैक मार्केटिंग पर होगा एक्शन

कोरिया डीडीए राजेश भारती ने बताया कि समितियों में रजिस्टर्ड किसानों के मांग के अनुसार कोरिया जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज का भंडारण कर लिया है. वहीं, इस साल गोठान में बने गोबर खाद का वितरण बंद कर दिया गया है. राज्य स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल ही बंद कर दिया गया है. किसान स्वयं से चाहे, तो जैविक खाद का उपयोग अपने खेतों में कर सकते हैं.कोरिया जिले में 30 दुकानदारों को ही रसायनिक खाद बेचने लाइसेंस जारी किया गया हैं.

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समितियों से सिर्फ रसायनिक खाद का वितरण

इस साल समितियों से सिर्फ रसायनिक खाद का ही वितरण किया जा रहा हैं. जिसकी शुरू शुरूआत अप्रेल महीने से कर दी गई है. कोरिया एवं एमसीबी जिले की समितियों में किसान बड़ी संख्या में खाद बीज लेने पहुंच रहे हैं.यहां बता दें कि एमसीबी जिले के ब्लाक खड़गवां में इस साल सबसे पहले खाद का वितरण शुरू किया गया है.खड़गवां के समिति प्रबंधक प्रफुल सिंह ने बताया कि अबतक 1200 किसान खाद ले गए हैं. जबकि इस समिति में करीब 2400 किसान रजिस्टर्ड है.

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