मध्य प्रदेश की विदिशा पुलिस ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है. महाराष्ट्र में फंसे 20 आदिवासी मजदूरों को सुरक्षित उनके घर वापस लाकर पुलिस ने उनके परिवारों की उम्मीदें लौटा दीं. यह सभी अच्छी मजदूरी के झांसे में आकर वहां चले गए थे, जिसके के बाद सभी को बंधक बना लिया गया था.
जानकारी के अनुसार, थाना दीपनाखेड़ा क्षेत्र के ग्राम बरबटपुर के 20 मजदूर रोज़गार की तलाश में महाराष्ट्र गए थे, जहां उन्हें 500 रुपये रोज की मजदूरी का लालच देकर ले जाया गया था. कुछ दिन बाद इन मजदूरों से गन्ने के खेतों में दिन-रात काम कराया जाने लगा. मजदूरों ने वापस अपने गांव जाने की बात कही तो उन्हें बंधक बना लिया गया. वे अपने परिवार से भी संपर्क नहीं कर पा रहे थे.
इससे घबराए परिजनों ने विदिशा एसपी रोहित काशवानी से गुहार लगाई. 6 जनवरी को मामला सामने आते ही विदिशा पुलिस ने कार्रवाई की. पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर महाराष्ट्र के धराशिवा जिले की पुलिस से समन्वय कर सभी मजदूरों को मुक्त कराया गया और सकुशल गांव वापस पहुंचाया गया. परिजनों से मिलते ही मजदूरों और उनके परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई.
गांव लौटकर आए मजदूर वहां बहुत बुरी हालत में थे. उनका परिवार से संपर्क नहीं हो पाद रहा था. मजदूरी नहीं दी जा रही थी और दिन रात काम कराया जा रहा था. परिवार, घर और खुद के भविष्य की चिंता ने उन्हें बेहद परेशान कर दिया था.