छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बालूद स्थित “छू लो आसमान” आवासीय छात्रावास में उस समय सनसनी फैल गई, जब 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सुबह तड़के हुई इस घटना ने छात्रावास सहित पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है.
जानकारी के अनुसार, मृत छात्र की पहचान सोन कुमार तेलाम के रूप में हुई है, जो नेरली गांव का निवासी था और कक्षा 10वीं में पढ़ाई करता था. बताया जा रहा है कि छात्रावास में रह रहे अन्य छात्र रोज की तरह सुबह करीब 4 बजे उठे, तो उन्होंने सीढ़ियों के ऊपरी हिस्से में सोन कुमार को गमछे के सहारे फंदे से लटका हुआ देखा. यह दृश्य देखते ही छात्रों में हड़कंप मच गया और तत्काल हॉस्टल प्रबंधन को सूचना दी गई.
हाथ पर लिखा खास संदेश
घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृत छात्र ने अपने हाथ पर पेन से संदेश लिखा था, “अलविदा दोस्तों, ये मैं अपनी मर्जी से कर रहा हूं, किसी को परेशान न करें.” इस संदेश ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.
जांच में जुटी पुलिस
सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस, शिक्षा विभाग के अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर की मौजूदगी में पंचनामा की कार्रवाई की गई और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा भेज दिया गया.
दर रात तक कर रहा था पढ़ाई
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक छात्र के परिवार में किसी प्रकार का विवाद सामने नहीं आया है. मृतक के भाई मोहन तेलामी ने बताया कि घर में सब कुछ सामान्य था और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि सोन कुमार ने ऐसा कदम क्यों उठाया. वहीं, साथी छात्रों ने पुलिस को बताया कि देर रात करीब 1 बजे तक सोन पढ़ाई कर रहा था, जिसके बाद सभी सो गए और सुबह वह मृत अवस्था में मिला.
पुलिस ने तेज की जांच
ये घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब बोर्ड परीक्षाएं भी जारी है. जिस छात्रावास में यह घटना हुई, उसके ठीक पास 12वीं बोर्ड परीक्षा का केंद्र संचालित हो रहा है. परीक्षा के बीच हुई इस घटना को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने.
यह भी पढ़ें- इजरायल-ईरान युद्ध के बीच छत्तीसगढ़ के 150 से ज्यादा लोग फंसे, दुबई, अबुधाबी, शारजाह व इजरायल में बने बंधक
फिलहाल, पुलिस हॉस्टल कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्रों से पूछताछ कर रही है. आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए सभी पहलुओं पर जांच जारी है. इस दर्दनाक घटना ने छात्रावास व्यवस्था और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.