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This Article is From May 29, 2024

MP Private Schools: मनमाने फीस वसूली मामले में गिरफ्तार स्कूल संचालकों को नहीं मिली बेल, 31 मई तक भेज गए जेल

Court Sent Police Remand: मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आलोक प्रताप सिंह अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि, अवैध फीस वसूली व मनमाने दामों में पाठ्य पुस्तक विक्रय गंभीर अपराध है.

MP Private Schools: मनमाने फीस वसूली मामले में गिरफ्तार स्कूल संचालकों को नहीं मिली बेल, 31 मई तक भेज गए जेल
प्रतीकात्मक तस्वीर

Private Schools: मध्य प्रदेश में बिना अनुमति के निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों की स्कूल फीस बढ़ाने और किताब पब्लिकेशन के मामले में गिरफ्तार स्कूल संचालकों को अदालत से जमानत नहीं मिली. अवैध फीस वसूली और मनमाने दामों में पाठ्य-पुस्तकों की बिक्री को गंभीर अपराध ठहराते हुए अदालत ने आरोपियों को 31 मई तक पुलिस रिमांड में भेज दिया.

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आलोक प्रताप सिंह अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा कि, अवैध फीस वसूली व मनमाने दामों में पाठ्य पुस्तक विक्रय गंभीर अपराध है.

अवैध फीस वसूली व पाठ्य पुस्तक को मनमाने दामों में बिक्री को गंभीर अपराध माना

अवैध फीस वसूली व मनमाने दामों में पाठ्य पुस्तक विक्रय गंभीर अपराध ठहराते हुए अदालत ने पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए गए आरोपित स्कूल क्रमशः क्राइस्ट चर्च स्कूल, जबलपुर के अजय उमेश जेम्स, शाजी थामस, यूवी मैरी, अतुल अनुपम व एकता पीटर्स सहित अन्य को 31 मार्च तक पुलिस रिमांड में भेज दिया.

बिना अनुमति नियम से अधिक फीस वृद्धि कर आरोपितों करोड़ों रुपए अर्जित किए

सीजेएम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में आगे कहा कि आराेपितों ने एक राय होकर बिना वैध अनुमति के छात्रों पर नियम से अधिक फीस वृद्धि कर करोड़ों रुपये अवैध रूप से अर्जित किए गए. यही नहीं, बिना आइबीएसएन की नकली पुस्तकें प्रकाशकों से सैटिंग करके छात्रों को अपेक्षाकृत अधिक कीमत में विक्रय कर अवैध लाभ अर्जित किया गया.

आरोपित स्कूलों ने अवैध कमाई के लिए कानून की पालना नहीं करके अपराध किया, इसीलिए पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है.

ओमती पुलिस का बयान, आधे दस्तावेज जब्त, शेष की बरामदगी शेष

इससे पूर्व ओमती पुलिस की ओर से रिमांड की मांग करते हुए दलील दी गई कि 27 मई को आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ मेमोरेंडम लिया गया है. उनके आधिपत्य से प्रकरण से संबंधित आधे दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जबकि शेष की बरामदगी शेष है.

दस्तावेजों का विश्लेषण के बाद खुलेगी करोड़ों के लेन-देन का राज

पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाना है, जो आरोपितों की उपस्थिति में ही संभव है. इससे करोड़ों के लेन-देन की परतें खुलेंगी. नकली प्रकाशकोें की जानकारी भी आरोपितों से प्राप्त की जा सकेगी,इसलिए पुलिस रिमांड अपेक्षित है.

11 स्कूल संचालकों और प्रिंसिपल के खिलाफ दर्ज किया गया था मामला

गौरतलब है दो दिन पहले कलेक्टर और एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों और जांच समिति पूरी रात कलेक्ट्रेट कार्यालय में मामले की तफ्शील से मामले की जांच की गई और स्कूल की किताबों में सांठ-गांठ को लेकर 11 स्कूल संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और अब उन्हें हिरासत में लेकर संबंधित थानों में ले गई थी.

वो 11 स्कूल, जिसके संचालक और प्रिंसिपल के खिलाफ दर्ज हुआ मामला 
1. क्राइस्ट चर्च वॉइस स्कूल
2. ज्ञान गंगा स्कूल
3. स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल 
4. लिटिल वार्ड स्कूल
5. चेतान्य स्कूल
6. सेंट अलोसियस स्कूल सल्लीवारा 
7. सेट अलोसियायस घमापुर
8. सेट अलोसियस सदर
9. क्राइस्टचार्च घामपुर

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