नई साल की शुरुआत में ही छत्तीसगढ़ के एक अच्छी खबर सामने आई है. एमएमसी जोन में आने वाले राजनांदगांव जिले से अब लाल आतंक यानी नक्सली पूरी तरह समाप्त हो गए हैं. आईजी राजनांदगांव रेंज, अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि राजनांदगांव एमएमसी जोन का प्रमुख जिला था, यह मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई जिलों से लगा हुआ था. जिसके कारण ये नक्सलियों का ट्रांजैक्शन पॉइंट के तौर पर काम करता था, लेकिन नक्सलियों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान के कारण अब यह नक्सल मुक्त हो गया. यह केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे मार्च 2026 में नक्सल मुक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता है.

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को एमएमसी जोन कहा जाता है. एक समय में यहां नक्सलियों की तूती बोलती थी, सीमाओं से जुड़ाव होने के कारण राजनांदगांव नक्सलियों के लिए ट्रांजैक्शन पॉइंट बन गया था. जहां 45 से अधिक नक्सली क्षेत्र में सक्रिय थे, लेकिन इनमें से ज्यादातर नक्सली या तो मारे गए हैं या फिर उन्होंने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आत्मसमर्पण कर दिया हैं.
नक्सलियों के खिलाफ लगातार एक्शन
8 दिसंबर 2025 को राजनांदगांव पुलिस लाइन में एमएमसी जोन सीसी मेंबर रामधेर समेत 12 नक्सलियों ने सरेंडर किया था. इन नक्सलियों पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 95 लाख रुपए का इनाम घोषित था, इसके साथ ही एमएमसी जोन के अंतर्गत कई नक्सलियों ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में आत्मसमर्पण किया है, जिनमें नक्सलियों के एमएमसी जोन के प्रवक्ता समेत कई नामी नक्सली शामिल थे. नक्सली या तो सरेंडर कर रहे या फिर मारे जा रहे हैं. बीते दिन शनिवार को सुकमा और बीजापुर में ही सुरक्षा बलों ने 14 नक्सलियों केा मार गिराया. इनमें कई बड़े नक्सली भी शामिल थे.

यहां घूम रहे 5-6 नक्सली
बता दें कि केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का प्लान तैयार किया है. मार्च से पहले ही राजनांदगांव पूरी तरीके से नक्सली मुक्त हो गया हैं. आईजी अभिषेक शांडिल्य ने कहा कि एक तरीके से एमएमसी जोन पूरी तरीके से नक्सली मुक्त हो गया है, 45 नक्सली थे जो तीनों राज्यों की सीमा में घूमते थे और इस क्षेत्र में सक्रिय थे. राजनांदगांव पूरी तरह नक्सल मुक्त हो गया है. राजनांदगांव पुलिस रेंज में आने वाले मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में 5-6 नक्सली बिना हथियारों के साथ आम लोगों की तरह घूम रहे हैं. हमारा प्रयास रहेगा कि आगामी 3 महीने में यह जिला भी नक्सली फ्री हो जाए.