मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद न्यायालय ने दुष्कर्म के बाद हुई नृशंस हत्या के मामले में गुरुवार देर शाम बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने आरोपी हरिराम उर्फ हरि को तीन धाराओं में दोषी ठहराते हुए तिहरी आजीवन कारावास और कुल 30 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है. आदेश के अनुसार आरोपी को मृत्यु तक कारावास में ही रहना होगा.
क्या था पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के वकील जाहिद अहमद के अनुसार, 23 मई 2025 को खालवा थाना क्षेत्र की रोशनी पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि शादी में गई एक महिला रात भर घर नहीं लौटी. अगले दिन सुबह गांव की एक वृद्ध महिला ने उसे एक मकान के पीछे खून से सने कपड़ों में पड़ा देखा.
परिजन उसे घर लाए तो पीड़िता ने बताया कि गांव के हरिराम ने उसके साथ दुष्कर्म किया. परिजनों ने देखा कि उसकी हालत बेहद गंभीर थी और कुछ ही देर में उसकी मृत्यु हो गई. मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की. डीएनए रिपोर्ट में भी आरोपी की संलिप्तता की पुष्टि हुई.
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का कृत्य अत्यंत जघन्य और समाज को झकझोर देने वाला है. यदि ऐसे अपराध में नरमी बरती जाती है तो इससे समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे.
इसी आधार पर कोर्ट ने तीनों धाराओं में अलग-अलग आजीवन कारावास और प्रत्येक में 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. इस तरह आरोपी को तिहरी आजीवन सजा सुनाई गई है, जिसका अर्थ है कि वह मृत्यु तक जेल में रहेगा.
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस जांच के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी गई. डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अभियोजन पक्ष ने मजबूत पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया.