
Property Tax Last Date: मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के सम्पत्ति कर (Property Tax), जल प्रभार (Water Charges) एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार के अधिभार में उपभोक्ताओं को छूट देने का निर्णय लिया है. यह छूट उपभोक्ताओं को 31 मार्च 2025 तक ऑनलाइन भुगतान की दशा में की जायेगी. इस संबंध में विभाग ने नगर पालिक निगम (Nagar Nigam) , नगरपालिका (Nagar Palika) परिषद और नगर परिषद (Nagar Parishad) को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं.
अपने सम्पत्तिकर का भुगतान समय पर करें और शहर के विकास में भागीदार बने!
— Bhopal Municipal Corporation (@BMCBhopal) March 24, 2025
बकाया राशि के अधिभार में मिलने वाली छूट का लाभ उठाएं।
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31 मार्च तक मिलेगी छूट
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास ने बताया कि वर्ष 2024-25 वित्तीय वर्ष की कर वसूली 31 मार्च 2025 तक ही हो सकेगी. वर्तमान में 15वें वित्त आयोग की शर्तों के अनुसार प्रतिवर्ष सम्पत्ति कर की वसूली में राज्य की ग्रास स्टेट डॉमिस्टिक प्रोडक्ट (जीएसडीपी) की औसत वृद्धि के अनुरूप वृद्धि किया जाना अनिवार्य है. इस स्थिति को देखते हुए वृद्धि न किये जाने की स्थिति में संबंधित नगरीय निकायों को 15वें वित्त आयेाग के अनुदान से वंचित होना पड़ सकता है.
राज्य सरकार ने सतत शहरी विकास को प्रोत्साहित करने के लिये इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी-2025 बनायी है. इस नीति का उद्देश्य निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से सुव्यवस्थित, आधुनिक और आत्मनिर्भर टाउनशिप विकसित करना है. यह नीति बेहतर बुनियादी सुविधाएँ, हरित आवासीय क्षेत्र और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देगी. इस नीति में लैण्ड पूलिंग कॉन्सेप्ट को भी अपनाया गया है, जिससे भूमि स्वामियों को उचित मुआवजे के साथ विकास में भागीदारी का अवसर मिलेगा. प्रदेश में भवन निर्माण की अनुमति को प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेही व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के लिये ऑटोमेटिक बिल्डिंग परमीशन और अप्रूवल सिस्टम विकसित किया गया है.
यहां बनेगा महानगर
प्रदेश में 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (महानगर) की कार्यवाही नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा की जा रही है. पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर विकसित करने की कार्यवाही चल रही है. इसी प्रकार दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित करने की कार्यवाही चल रही है. इनके गठन से मध्यप्रदेश को एक आर्थिक विकास केन्द्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी.
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