मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) के प्रवास के दौरान स्थानीय होटल कारोबार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. होटल एसोसिएशन का दावा है कि उनकी मौजूदगी में ऑक्यूपेंसी 80-0% तक पहुंच जाती है, जबकि उनके बाहर रहने पर यह घटकर करीब 15% रह जाती है.
85 होटलों में 80-90% कमरे फुल
छतरपुर होटल एसोसिएशन अध्यक्ष भगवत शरण अग्रवाल के मुताबिक, बागेश्वर धाम के आसपास करीब 85 होटल संचालित हैं. जब बाबा छतरपुर में प्रवास पर रहते हैं, तब 80–90% कमरे फुल रहते हैं. ऑनलाइन एडवांस बुकिंग भी तेजी से होती है. उनका दावा है कि बाबा के प्रवास के दौरान होटल कारोबार की आमदनी सामान्य दिनों की तुलना में करीब 30 गुना तक बढ़ जाती है.
टैक्सी, व्यापार और शादी उद्योग को भी फायदा
होटल व्यवसायियों का कहना है कि सिर्फ होटल ही नहीं, बल्कि टैक्सी ऑपरेटर, स्थानीय दुकानदार और आयोजन से जुड़े कारोबारी भी लाभ में हैं. कन्या विवाह आयोजनों के चलते शादी-समारोह से जुड़ा व्यवसाय भी बढ़ा है. हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में कई होटल संचालकों ने एक या दो कमरे निःशुल्क उपलब्ध कराकर सहयोग भी किया.
खजुराहो के होटलों पर बाबा की टिप्पणी
कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अप्रत्यक्ष रूप से खजुराहो के कुछ होटल व्यवसायियों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई होटलों में उनकी तस्वीरें लगी हैं और श्रद्धालुओं के कारण उनका व्यवसाय बढ़ रहा है, लेकिन जब धाम से जुड़े लोग वहां ठहरते हैं तो पूरा बिल लिया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुफ्त सुविधा नहीं चाहते, लेकिन समाज के लिए सहयोग की भावना जरूरी है.
कन्याओं के विवाह में सहयोग की अपील
बाबा बागेश्वर ने होटल संचालकों से अपील की कि हर होटल कम से कम एक कन्या के विवाह की जिम्मेदारी ले. विवाह प्रबंधन में सहयोग करे. उनका कहना था कि आस्था से जुड़े स्थलों से लाभ उठाने वालों को समाज के कमजोर वर्गों के लिए भी आगे आना चाहिए.
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