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This Article is From Feb 13, 2026

बाघ-पैंगोलिन का शिकार: तीन मोस्ट-वांटेड इंटरनेशनल तस्कर को मिली सजा, 4-4 वर्ष की जेल; 25-25 हजार रुपये का जुर्माना

Tiger-Pangolin Poaching: इंटरनेशनल तस्कर आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया, पुजारी सिंह बावरिया, रिडिक टेरोपी को 4-4 साल की सजा सुनाई गई. इसके साथ ही 25,000-25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

बाघ-पैंगोलिन का शिकार: तीन मोस्ट-वांटेड इंटरनेशनल तस्कर को मिली सजा,  4-4 वर्ष की जेल; 25-25 हजार रुपये का जुर्माना

Tiger and pangolin poaching: देश के कई राज्यों में बाघ पैंगोलिन का शिकार कर उनके अंगों की नेशनल, इंटरनेशनल मार्केट में तस्करी करने के मामले में 3 शिकारियों को 4 साल की सजा सुनाई गई. न्यायालय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने पूरे मामले में दोषी पाते हुए तीनों तस्कर आदिन सिंह उर्फ कल्ला, पुजारी सिंह और रिंडिक टेरोन्पी को 4-4 वर्ष की जेल की सजा सुनाई है. साथ ही 25,000-25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है.

इंटरनेशनल मार्केट में तस्करी करने के मामले में 3 शिकारियों को मिली सजा

इनमें से एक आरोपियों आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया मोस्ट वांटेड इंटरनेशनल तस्कर है और यह हरियाणा का रहने वाला है. उसके साथी पुजारी सिंह बावरिया होशियारपुर की रहने वाली है, जबकि महिला रिडिक टेरोपी असम की है. पुजारी सिंह और महिला रिडिक टेरोपी को 2025 में गिरफ्तार किया गया था, जबकि इंटरनेशनल तस्कर कल्ला बावरिया को 18 अगस्त 2023 को सागर रोड पर ग्यारसपुर बायपास तिराहा विदिशा से स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स तत्कालीन एसडीओ अधिकारी डीएस चौहान के नेतृत्व में टीम ने पकड़ा था. 

25-25 हजार रुपये का लगाया जुर्माना

प्रकरण में शासन की ओर से सशक्त पैरवी अरूण कुमार पठारिया विशेष लोक अभियोजक ने की. उन्होंने बताया कि न्यायालय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी ने पूरे मामले में दोषी पाते हुए तीनों तस्कर आदिन सिंह उर्फ कल्ला, पुजारी सिंह और रिंडिक टेरोन्पी को वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम की धारा के तहत 4-4 वर्ष की जेल की सजा सुनाई गई है. साथ ही 25,000-25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

नेपाल समेत इन राज्यों में मामला दर्ज

बात दें कि पंजाब के ग्यारसपुर के रहने वाले इंटरनेशनल शिकारी आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया के खिलाफ बाघ, पैंगोलिन के शिकार और अंगों की तस्करी के मामले में नेपाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र के मेलघाट, मध्य प्रदेश में अपराध दर्ज है. उसके खिलाफ नेपाल में साल 2012 में कल्ला के खिलाफ बाघ के शिकार व उसके अवयवों की तस्करी का प्रकरण दर्ज किया गया था. महाराष्ट्र मेलघाट में भी बाघ के शिकार और उसके अवयवों के अवैध व्यापार का मामला साल 2013 में दर्ज किया गया था.

12 साल से कल्ला बावरिया की तलाश

कल्ला बावरिया को 12 सालों से कई राज्यों की पुलिस, वन विभाग और नेपाल सेन्ट्रल इन्वेटिगेशन ब्यूरों (सीआईबी) तलाश रही थी. वर्तमान में कल्ला बावरिया अकोला की जेल में बंद है. जिसे अब नर्मदापुरम के केंद्रीय जेल लाया जाएगा.

कल्ला बावरिया के इंटरनेशनल मार्केट में फैले नेटवर्क को खोजने के लिए भारत सरकार उसे नेपाल को सौंपेगी. जिसके लिए मध्य प्रदेश शासन, वन विभाग, केन्द्र सरकार से आग्रह कर कल्ला बावरिया को नेपाल को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि दक्षिण एशिया महाद्वीप में फैले इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह और बाघों की शिकार व उनके अवयवों की तस्करी करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सकें.

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