MP Vidhan Sabha Budget Session 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Vidhan Sabha) के बजट सत्र (Budget Session) का आज दूसरा दिन है. मंगलवार को दिवंगत नेताओं के प्रति श्रद्धांजलि के साथ मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई. निधन उल्लेख के बाद सदन की कार्यवाही दो मिनट के लिए स्थगित की गई. कार्यवाही पुनः शुरू होते ही प्रश्नकाल में विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा. बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने इंदौर के दूषित जल प्रकरण के मुद्दे पर प्रदर्शन किया और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की. सदन के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि "35 निर्दोष लोगों की मौत नहीं, आवारा कुत्ते ज्यादा जरूरी. प्रदेश सरकार के लिए आवारा कुत्तों का मुद्दा अधिक महत्वपूर्ण दिख रहा है."
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 02 दिन
— Umang Singhar (@UmangSinghar) February 17, 2026
35 निर्दोष लोगों की मौत नहीं, आवारा कुत्ते ज्यादा जरूरी !
प्रदेश सरकार के लिए आवारा कुत्तों का मुद्दा अधिक महत्वपूर्ण दिख रहा है, लेकिन उन 35 परिवारों का दर्द नहीं, जिनके घरों से अर्थियाँ उठीं। इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी से सरकार बचती… pic.twitter.com/KhyYZz99ZW
कांग्रेस ने विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा
विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत हो गई लेकिन इस गंभीर मामले में भी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है. उन्होंने इंदौर दूषित कांड मामले में विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि नैतिक आधार पर उन्हें तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए.
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 02 दिन
— Umang Singhar (@UmangSinghar) February 17, 2026
“हर-हर नर्मदे” केवल नारा नहीं, आस्था का प्रतीक है।
हमारे प्रदेश में माँ नर्मदा का स्थान सर्वोच्च है, लेकिन आज नर्मदा के जल का दूषित होना और वही प्रदूषित पानी जनता को पिलाया जाना माँ नर्मदा और प्रदेशवासियों, दोनों का घोर अपमान है। यह स्थिति… pic.twitter.com/KehdQB5Ta9
सिंघार ने कहा, ‘‘जो जिम्मेदार मंत्री हैं, वह कुर्सी पर बैठे हुए हैं और इंदौर की जनता श्मशान घाट जा रही है. हमारी मांग स्पष्ट है. या तो मुख्यमंत्री उनसे इस्तीफा लें या फिर मुख्यमंत्री खुद इस्तीफा दें.'' उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रकार से रहमान डकैत ने जितनी गंदी मौत नहीं दी, उससे ज्यादा गंदी मौत भाजपा की सरकार ने इंदौर के लोगों को दी है.''
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 02 दिन
— Umang Singhar (@UmangSinghar) February 17, 2026
जिस सरकार का फर्ज शासन करना, जनता को स्वच्छ पानी देना, जनहित में निर्णय लेना और प्रदेशवासियों के आँसू पोंछना होना चाहिए , वही सरकार अगर पानी में ज़हर घोल दे और गैर-जिम्मेदार मंत्रियों पर नकेल न कसे और अपने अभिभाषणों में इसके उलट झूठे दावे… pic.twitter.com/bECQarWlvS
फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत अपराधियों का एक सरदार है, जो नशा, अवैध हथियारों के धंधे और हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देता है. सिंघार ने इंदौर प्रकरण के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही प्रदेश के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष की ओर से विधानसभा में इस मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है लेकिन सरकार इस पर चर्चा कराने से भाग रही है. उन्होंने कहा, ‘‘इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है. कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वह संघर्ष जारी रखेगी.''
आदिवासी क्षेत्रों में सड़क निर्माण पर सवाल, सेना पटेल ने सरकार को घेरा
कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने आदिवासी क्षेत्रों में सड़क निर्माण की धीमी गति पर नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा कि कई गांवों का संपर्क टूट चुका है, पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हैं, सड़कें जर्जर हैं, जिसके कारण गर्भवती महिलाएं अस्पताल नहीं पहुंच पातीं और बच्चे स्कूल नहीं जा पाते. पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब में कहा कि पहला चरण अलीराजपुर–झाबुआ जिलों में पूरा किया जा चुका है, लगभग 500 गांव जुड़ चुके हैं, शेष गांवों को दूसरे चरण में जोड़ा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार पंचायतों के लिए स्वीकृत धनराशि से कनेक्टिविटी गैप को भरने का प्रयास किया जा रहा है.
सरकारी नियुक्तियों पर प्रश्न, विभाग ने कहा-डेटा संधारित नहीं
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने रोजगार विभाग से सरकारी नियुक्तियों की विस्तृत जानकारी मांगी. मंत्री गौतम टेटवाल ने लिखित उत्तर में कहा कि शासकीय पदों पर नियुक्तियों का डेटा विभाग द्वारा संधारित नहीं किया जाता. इस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और पारदर्शिता पर सवाल उठाए.
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का संकल्प
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सदन में अशासकीय संकल्प लाते हुए कहा कि गाय हिंदू आस्था का प्रतीक होने के कारण उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए. उन्होंने चमड़े के व्यापार को बंद करने और मृत गायों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की मांग भी उठाई. बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध किया और कहा कि इस तरह के मुद्दे राजनीतिक रंग देने का प्रयास हैं.
गाय के मुद्दे पर रामेश्वर शर्मा का बयान, सदन में फिर हंगामा
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के मुद्दे पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज मस्जिदों में इसका संकल्प करे तो गाय अपने आप राष्ट्रीय पशु बन जाएगी. गौ माता को काटने वाला कसाई कौन है. जिस दिन मस्जिद में नमाज हो और अल्लाह की कसम खाकर सारे मुसलमान तय कर दे कि किसी भी कीमत में गाय नहीं काटने दी जाएगी. कोई में माई का लाल गाय को हाथ नहीं लगा सकता. मस्जिदों में मौलवियों से भी इस बारे में बात करो. उनके बयान पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई.
आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर तीखी बहस
सदन में सबसे अधिक हंगामा स्ट्रीट डॉग्स के मुद्दे पर हुआ. विधायक आतिफ अकील के ध्यानाकर्षण पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा: भोपाल में 80,000 से अधिक कुत्तों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं. अब तक 5 लाख कुत्तों को रेबिज टीकाकरण किया गया. नसबंदी की संख्या पिछले वर्षों में 9,291 से बढ़कर 21,426 तक पहुंची. विजयवर्गीय ने कहा कि “सदियों से कुत्ता मानव का साथी रहा है, लेकिन लापरवाही से हालात बिगड़े हैं.”
बहस के दौरान कई तीखी टिप्पणी भी हुई. भाजपाई विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा-अब कुत्ते भी आतंकवादी हो रहे हैं.
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने व्यंग्य में कहा कि आज पता चला कि कुत्तों के प्रभारी विजयवर्गीय हैं. राजन मंडलोई ने आरोप लगाया कि नसबंदी केवल कागजों पर हो रही है और कई जिलों में बच्चों पर कुत्तों के हमले बढ़े हैं. विजयवर्गीय ने कहा कि नसबंदी क्षमता बढ़ाने के लिए बाहरी विशेषज्ञों को बुलाने की योजना है.
तृतीय अनुपूरक अनुमान पेश, 23 फरवरी को होगी चर्चा
डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2025–26 के तृतीय अनुपूरक अनुमान सदन में पेश किए. इस पर 23 फरवरी को दो घंटे चर्चा होगी.
यह भी पढ़ें : MP Vidhan Sabha Budget Session 2026: बजट सत्र के दूसरे दिन आएगा तीसरा अनुपूरक बजट; सदन में गूंजेंगे ये मुद्दे
यह भी पढ़ें : Wildlife Smuggling: शहडोल में वन्यजीव तस्करी पर कार्रवाई; 9 जिलों से 22 आरोपी गिरफ्तार, पैंगोलिन समेत ये मिला
यह भी पढ़ें : Good News: इंदौर में मेट्रो विस्तार को रफ्तार, सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक 11 KM ट्रैक तैयार, हरी झंडी का इंतजार
यह भी पढ़ें : Surya Grahan 2026: इस साल का पहला सूर्य ग्रहण आज; जानिए क्यों खास है रिंग ऑफ फायर, क्या भारत पर पड़ेगा असर