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Indore Contaminated Death Toll: बेबी सिया की मौत की असली वजह आई सामने, दूषित पेयजल नहीं, बल्कि ऐसे हुई मौत, डाक्टर की जुबानी

Indore Death Toll: भागीरथपुरा इलाके में दो और मौत की खबर से मंगलवार को हड़कंप मच गया. दो वर्षीय रिया प्रजापति और 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की मौत की खबरों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया, लेकिन देर शाम खुलासा हुआ कि नन्हीं मासूम की मौत संक्रमण बढ़ने और मिर्गी की दौरे हुई थी. डाक्टर ने निमोनिया से पीड़ित मासूम की लिवर की सर्जरी की थी. 

Indore Contaminated Death Toll:  बेबी सिया की मौत की असली वजह आई सामने, दूषित पेयजल नहीं, बल्कि ऐसे हुई मौत, डाक्टर की जुबानी
DOCTOR EXPLAINED CAUSE OF BABY SIA'S DEATH IN BHAGIRATHPURA, INDORE

Indore Contaminated Water Death: दूषित पेयजल से मंगलवार को इंदौर में हुई दो मौतों को लेकर हुए एक नए खुलासे में दावा किया जा रहा है कि दो वर्षीय मासूम रिया प्रजापति की मौत की वजह दूषित पेयजल नहीं था, बल्कि उसकी मौत की वजह दूसरी बीमारी थी. पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष की मानें तो मासूम लिवर में पस और निमोनिया से जूझ रही थी और सर्जरी के बाद संक्रमण बढ़ने और मिर्गी के दौरे से उसकी मौत हुई. 

भागीरथपुरा इलाके में दो और मौत की खबर से मंगलवार को हड़कंप मच गया. दो वर्षीय रिया प्रजापति और 75 वर्षीय शालिग्राम ठाकुर की मौत की खबरों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया, लेकिन देर शाम खुलासा हुआ कि नन्हीं मासूम की मौत संक्रमण बढ़ने और मिर्गी की दौरे हुई थी. डाक्टर ने निमोनिया से पीड़ित मासूम की लिवर की सर्जरी की थी. 

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भागीरथपुरा इलाके में बेबी सिया की मौत को लेकर आया स्पष्टीकरण

रिपोर्ट के मुताबिक पीडियाट्रिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक लड्डा ने दो वर्षी बेबी सिया प्रजापति पिता सूरज प्रजापति निवास भागीरथपुरा की मौत को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए मंगलवार को बताया कि गत 5 फरवरी को बेबी सिया को अस्पताल में भर्ती किया गया था. उन्होंने बताया कि लिवर में पस और निमोनिया से पीड़ित के लिवर से ऑपरेशन के द्वारा पस निकाला गया, लेकिन इन्फेक्शन बढ़ने और मिर्गी के दौरे के चलते उसकी मौत हो गईं.

हाई कोर्ट में पेश MP सरकार के स्टेटस रिपोर्ट में 26 मौतों का उल्लेख

गौरतलब है आंकड़े कुछ भी हों, लेकिन इंदौर शहर में दूषित पेयजल अब तक 34 लोगों की जान ले चुकी है और यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. शहर में दूषित पानी से मरने वालों लोगों की संख्या को लेकर गुत्थी भी जस की तस है. बीते 27 जनवरी को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से हाई कोर्ट में इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों को लेकर पेश स्टेटस रिपोर्ट में कुल 26 मौतों का उल्लेख किया गया था.

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इंदौर में दूषित पेयजल से हुए मौतों के संबंध में मध्य प्रदेश सरकार ने बीते 27 जनवरी को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट को बताया था कि भागीरथपुरा इलाके में महीने भर पहले हुई 16 मौतों की वजह दूषित पेयजल के कारण फैली उल्टी-दस्त का प्रकोप हो सकता है.

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अब तक दूषित पेयजल से भागीरथपुरा में 34 लोगों की हो चुकी है मौत

उल्लेखनीय है इंदौर के कई इलाकों में पिछले कई हफ्तों से गंदे और दूषित पानी की सप्लाई की शिकायतें आ रही हैं और अब तक इस संक्रमण की वजह से 34 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पानी में बैक्टीरिया के फैलाव के कारण लोगों को गैस्ट्रोएंटेराइटिस और लीवर इन्फेक्शन जैसी बीमारियां हो रही हैं, जबकि प्रशासन पाइपलाइनों की जांच और क्लोरीनेशन का दावा कर रहा है.

 हाई कोर्ट ने दूषित पेयजल से मौत की न्यायिक जांच का दिया आदेश 

उल्टी-दस्त के प्रकोप में इंदौर में हुई कई लोगों की मौत के मामले में बीते 27 जनवरी को हुई एक सुनवाई में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने न्यायिक जांच का आदेश दिया था. माननीय हाई कोर्ट ने इसके लिए उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अगुवाई में एक सदस्यीय जांच आयोग गठन किया है, जो चार हफ्ते में अंतरिम रिपोर्ट पेश करेगी.

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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेजयल से लगातार हो रही मौतों को लेकर हाई कोर्ट ने जारी आदेश में कहा था कि आरोपों की गंभीरता और पेयजल त्रासदी के कारण लोगों के जीवन के अधिकार पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए उसकी राय है कि इस मामले में एक स्वतंत्र और विश्वसनीय प्राधिकरण द्वारा जांच की आवश्यकता है

जांच आयोग को 4 हफ्ते में अंतरिम रिपोर्ट पेश करने का दिया था निर्देश

मालूम हो, दूषित पेयजल त्रासदी को लेकर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि ‘एक स्वतंत्र और विश्वसनीय प्राधिकरण' द्वारा इस मामले की 'तुरंत न्यायिक जांच' किए जाने की आवश्यकता है. कोर्ट ने न्यायिक आयोग को कार्यवाही शुरू होने की तारीख से चार हफ्ते के भीतर अंतरिम रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया था.

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