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Indore BRTS Controversy: 11 महीने में नहीं हटा पाए बीआरटीएस; इंदौर नगर निगम पर हाई कोर्ट सख्त, अब ये हुआ

Indore BRTS MP High Court: सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निगम को सख्त निर्देश दिए कि बीआरटीएस हटाने के दौरान ट्रैफिक में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए.

Indore BRTS Controversy: 11 महीने में नहीं हटा पाए बीआरटीएस; इंदौर नगर निगम पर हाई कोर्ट सख्त, अब ये हुआ

Indore BRTS Controversy: इंदौर में बीआरटीएस (BRTS) को हटाने की प्रक्रिया एक बार फिर तेज हो गई है. नगर निगम जल्द ही रेलिंग और बस स्टॉप तोड़ने का काम शुरू करने जा रहा है. इसके लिए दो नए टेंडर जारी किए गए हैं. कोर्ट की लगातार फटकार के बाद निगम ने कार्रवाई में तेजी लाई है. इसकी पीछे की वजह हाल ही में हुई सुनवाई है, जब हाईकोर्ट ने निगम को सख्त निर्देश दिए कि बीआरटीएस हटाने के दौरान ट्रैफिक में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए. अदालत ने कई बार इस मामले में नाराजगी जताई है, क्योंकि आदेश के 11 माह बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया.

अब नया टेंडर जारी

इंदौर खंडपीठ में सुनवाई के दौरान निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि पुराना ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं है. इसी कारण नया टेंडर जारी किया गया है. 9 फरवरी को नई एजेंसी तय होगी, इसके एक सप्ताह बाद काम शुरू किया जाएगा. वहीं अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी. अब नगर निगम ने बीआरटीएस हटाने के लिए दो अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं. पहले टेंडर में बस स्टॉप हटाए जाएंगे जबकि दूसरे टेंडर में रेलिंग तोड़ने का काम होगा. सूत्रों के अनुसार, यदि किसी ठेकेदार ने काम लेने से इनकार किया, तो निगम खुद यह काम कर सकता है. पहले भी ठेकेदार काम करने से पीछे हट चुका है, जिसके चलते प्रक्रिया अटक गई थी. निगम का कहना है कि इस बार लगभग दो महीने का समय ठेकेदारों को दिया जाएगा.

पहला चरण: सी-21 मॉल से निरंजनपुर चौराहे तक और दूसरा चरण: राजीव गांधी चौराहे से नवलखा चौराहे तक तय किया गया है. पूरा काम लगभग तीन महीने में पूरा होने का अनुमान है. कुछ समय पहले इस प्रोजेक्ट का भूमि पूजन भी किया जा चुका है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार 6.8 किमी हिस्सा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए जाएगा, जिसका काम फरवरी में PWD शुरू करेगा. जहां से BRTS हटाया जाएगा, वहां अस्थायी डिवाइडर बनाए जाएंगे. निगम अपने हिस्से के 3.1 किमी क्षेत्र में स्थायी डिवाइडर का काम पहले ही शुरू कर चुका है, जिसे तीन माह में पूरा किया जाएगा.

कोर्ट की सख्ती : ट्रैफिक प्रभावित न हो, इस बात का विशेष ध्यान

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निगम को सख्त निर्देश दिए कि बीआरटीएस हटाने के दौरान ट्रैफिक में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अभिभाषक अजय बागड़िया ने टेंडर की कॉपी कोर्ट में पढ़कर सुनाई. इसमें BRTS से निकलने वाले स्क्रैप और बिल्डिंग मटेरियल को हटाने व बेचने का विवरण तो था, लेकिन रेलिंग हटाने को लेकर स्पष्टता नहीं मिली. उन्होंने इसे “निगम का खेल” बताया और कहा कि अभी भी निगम रेलिंग हटाने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा.

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