BSP Leader Controversy Video: ग्वालियर–भिंड–इटावा एनएच‑719 पर बरेठा टोल प्लाजा में “नो रोड‑नो टोल” आंदोलन के दौरान सोमवार को भारी हंगामा हो गया. इसी बीच बीएसपी नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे टोल प्लाजा के अंदर घुसकर कर्मचारियों से बहस करते और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ने की कोशिश करते दिख रहे हैं. मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और हालात को किसी तरह काबू में किया गया.
आंदोलन के बीच हंगामा, कैमरे में कैद वारदात
एनएच‑719 की खराब हालत और लगातार हो रहे हादसों के विरोध में संत समाज द्वारा बरेठा टोल प्लाजा पर “नो रोड–नो टोल” आंदोलन चल रहा था. इसी दौरान बीएसपी नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ टोल ऑफिस में पहुंचे, कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक की और कैमरे बंद करने की धमकी दी. बाहर निकलते समय उन्होंने गुस्से में एक सीसीटीवी कैमरा हाथ से तोड़ दिया. पूरी घटना मीडिया के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद टोल पर तनाव बढ़ गया.
फास्टैग कटौती पर जताई नाराजगी
सोमवार को आंदोलन के चलते टोल प्लाजा को टोल‑फ्री किया गया था ताकि वाहन बिना शुल्क निकल सकें. इसी बीच कुछ ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि टोल‑फ्री होने के बावजूद उनके फास्टैग से राशि कट गई. इसी मुद्दे पर बहस तेज हुई और बात हंगामे तक पहुंच गई. माहौल बिगड़ता देख लोगों में अफरा‑तफरी मच गई.
संत समाज की शांतिपूर्ण मांग
संत समाज समिति के जिला अध्यक्ष कालिदास महाराज के नेतृत्व में चल रहे धरने में बीएसपी, कांग्रेस, पूर्व सैनिकों और कई समाजसेवियों ने समर्थन दिया है. संत समाज का कहना है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और मांग साफ है कि ग्वालियर‑भिंड‑इटावा एनएच‑719 को चौड़ा किया जाए, क्योंकि सड़क संकरी और जर्जर होने से आए दिन गंभीर हादसे हो रहे हैं. दावा किया गया कि पिछले एक साल में इस मार्ग पर करीब 200 लोगों की जान दुर्घटनाओं में गई है, इसलिए सड़क सिक्स‑लेन होने तक टोल वसूली रोकी जाए.
पुलिस का हस्तक्षेप और आगे की कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और नेताओं‑समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की. इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, हालांकि बाद में हालात नियंत्रित कर दिए गए. टोल प्रबंधन और पुलिस अब सामने आए वीडियो और घटनाक्रम के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं.