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This Article is From Dec 05, 2023

Jabalpur: किसानों ने हाईवे पर जमकर किया हंगामा, मटर की सही कीमत नहीं मिलने बिगड़े हालात

Jabalpur News: जबलपुर की मंडियों में मटर की आवक ज्यादा होने के चलते किसानों को उचित दाम (Fair Price of Pea) नहीं मिल पा रहा है. जिसके बाद किसानों ने चक्का जाम कर जमकर हंगामा किया. वहीं हंगामें से डरकर थोक व्यापारी मंडी छोड़ कर भाग गए हैं.

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Jabalpur: किसानों ने हाईवे पर जमकर किया हंगामा, मटर की सही कीमत नहीं मिलने बिगड़े हालात
जबलपुर की मंडियों में मटर की फसल बेचने के लिए किसानों की भारी भीड़ देखी जा रही है.

Farmers Protest in Jabalpur: मध्य प्रदेश का जबलपुर (Jabalpur) और उसके आस-पास का एरिया मटर उत्पादन (Pea Crop) के लिए जाना जाता है. इस बार मौसम के साथ के चलते मटर की बंपर फसल हुई है. जिसके चलते अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में किसानों की भारी भीड़ देखी जा रही है. इस भीड़ का एक कारण यह भी है कि मटर जल्दी खराब होने वाली सब्जी है, जिसके चलते किसान जल्द से जल्द अपनी फसल बेचना चाहते हैं. लेकिन, मंडियों में मटर की आवक ज्यादा होने के चलते किसानों को उचित दाम (Fair Price of Pea) नहीं मिल पा रहा है.

फसल बेचने की जद्दोजहद में जहां एक ओर जबलपुर उपज मंडी (Jabalpur produce market) में खपत से ज्यादा मटर पहुंचा, वहीं इसके चलते मटर के दाम भी कम हो गए हैं. जिसके बाद किसानों और मंडी के थोक व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई. किसानों ने मटर के दाम कम किए जाने पर जमकर हंगामा किया और राष्ट्रीय राजमार्ग 45 पर चक्का जाम कर प्रदर्शन भी किया. वहीं प्रशासन को मामले की खबर लगते ही पुलिस बल की मदद से हंगामा शांत कराया गया और यातायात बहाल किया गया.

मटर की आवक ज्यादा होने के चलते कई किलोमीटर तक जाम लग गया.

मटर की आवक ज्यादा होने के चलते कई किलोमीटर तक जाम लग गया.

लागत से भी कम दाम में बिक रहा मटर 

मटर की मंडी में मटर 4 से 5 रुपए किलो बिक रहा है. जबकि किसानों का कहना है कि मटर की तुड़ाई में ही चार से पांच रुपए लग जाते हैं और मंडी टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन मिलाकर घर पर ही मटर का दाम 8 से 10 रुपए पड़ता है. जबकि व्यापारी 5 रुपये से अधिक कीमत देने को तैयार नहीं हैं. इस मामले में किसानों ने सरकार से मदद की अपील की है. 

कई किलोमीटर तक लगा रहा जाम

जबलपुर कृषि उपज मंडी के साथ शाहपुरा में सहजपुर मंडी भी मटर की बड़ी मंडी है. सोमवार को सहजपुर मंडी में सैकड़ों ट्रक मटर पहुंचा. तीन-चार दिनों बाद बारिश रुकने से किसानों ने जो मटर तोड़ कर रखा था उसे लेकर वह मंडी पहुंच गए. मंडी पहुंचने की अपरा-तफरी में भारी जाम लग गया. जिसके बाद जबलपुर और सहजपुर मंडी में कई किलोमीटर तक जाम लगा रहा.

प्रशासन यह जानता है कि सैकड़ों ट्रक मटर कृषि उपज मंडी में पहुंचते हैं, उसके बाद भी प्रशासन ने कोई जिम्मेदारी नहीं समझी और ना ही कोई व्यवस्था की गई. इस अव्यवस्था के चलते हजारों ट्रक जबलपुर और सहजपुर मंडी के पास कई किलोमीटर तक जाम में फंस गए, किसान मटर जल्दी बेचना चाहते हैं इसलिए वाहनों की आपाधापी में जाम और भी बढ़ता गया.

कुछ शरारती तत्वों ने ट्रक के टायरों की हवा निकाल दी जिसके बाद जाम और बढ़ गया.

कुछ शरारती तत्वों ने ट्रक के टायरों की हवा निकाल दी जिसके बाद जाम और बढ़ गया.

थोक व्यापारियों ने गुट बनाकर दाम किया कम

जबलपुर कृषि उपज मंडी में लगभग एक लाख किलो मटर प्रतिदिन आता है. लेकिन, इन दिनों 5 से 6 लाख किलो मटर कृषि उपज मंडी में बिकने के लिए आने से मटर के दामों में गिरावट देखने को मिली. सोमवार को जबलपुर और सहजपुर मंडी में करीब 10 लाख किलो से भी ज्यादा मटर आया. जिसके बाद थोक व्यापारियों ने समूह बनाकर मटर के दाम कम कर दिए. इसे व्यापारियों का रिंग कहा जाता है.

किसान रामनरेश पटेल का कहना है कि पिछले कई दिनों से जबलपुर के थोक व्यापारी रात को एक व्हाट्सएप ग्रुप में अगले दिन के रेट निर्धारित कर लेते हैं और उसी दर पर अगले दिन मंडी में बोली लगाई जाती है, जो सामान्य दरों से कम होती है. वहीं थोक व्यापारी दुलीचंद जैन का कहना है कि किसानों के बीच में यह अफवाह जानबूझकर फैलाई गई है, किसी भी तरह का कोई रिंग काम नहीं कर सकता, क्योंकि लगभग 2000 से ज्यादा थोक व्यापारी मटर मंडी में काम करते हैं. इसलिए रिंग बनाना संभव नहीं है.

वहीं कृषि उपज मंडी जबलपुर के सब्जी मंडी अध्यक्ष अजित साहू का कहना है कि अत्यधिक मात्रा में मटर आ जाने से खरीददार काम हो गए हैं. इसलिए मटर के रेट कम होते जा रहे हैं. इसमें कोई भी ऐसी बात नहीं है जो शंका उत्पन्न करती हो.

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किसानों और व्यापारियों के बीच देर रात हुआ हंगामा

मटर के ट्रक मंडी में प्रवेश नहीं कर पाने पर व्यापारियों और किसानों के बीच जमकर बातचीत हुई. जिसके बाद हंगामा बढ़ता गया. इसी बीच कुछ शरारती तत्वों ने सड़क पर खड़े कई सारे ट्रकों के टायरों की हवा निकाल दी और चारों तरफ चक्का जाम कर दिया. वहीं किसानों का हंगामा देखकर थोक व्यापारी मंडी छोड़कर भाग गए. किसानों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण उनका प्रदर्शन भी उग्र होता जा रहा था, जिसके बाद कई व्यापारी अपने घरों में छुप कर बैठ गए.

वहीं लगभग 2 घंटे चले हंगामे के बाद शाहपुरा थाना और अन्य थानों की पुलिस बुलाकर हंगामा को शांत कराया गया और यातायात को बहाल किया गया. बता दें कि इस हंगामे के चलते जबलपुर, भोपाल और अन्य कई शहरों को जाने वाले मार्ग का यातायात रुक गया था.

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