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बांधवगढ़ में बाघों की मौत पर हाई कोर्ट सख्त, आखिर क्यों बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा?

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों की मौत को लेकर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. फील्ड डायरेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है. याचिका में अवैध शिकार, करंट और रेल हादसों को प्रमुख कारण बताया गया है.

बांधवगढ़ में बाघों की मौत पर हाई कोर्ट सख्त, आखिर क्यों बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा?

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगातार सामने आ रहे बाघों की मौत के मामलों ने अब न्यायपालिका का ध्यान आकर्षित किया है. हाई कोर्ट जबलपुर मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा एवं न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान जनहित याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि बाघों की मौत के पीछे अवैध शिकार एक बड़ा कारण है और वन विभाग की कार्रवाई पर्याप्त सख्त नहीं है. अदालत ने मीडिया रिपोर्ट्स और प्रस्तुत आंकड़ों को रिकॉर्ड पर लेते हुए स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.

जनवरी 2026 में 9 बाघों की मौत का दावा

याचिका में बताया गया कि केवल जनवरी 2026 में ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 9 बाघों की मौत दर्ज की गई. वहीं वर्ष 2025 में पूरे मध्य प्रदेश में 54 बाघों की मृत्यु का उल्लेख किया गया है.

भोपाल निवासी वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे के अनुसार, दुनिया में कुल 5,421 बाघ हैं, जिनमें से 3,167 भारत में पाए जाते हैं. मध्य प्रदेश में 785 बाघों की उपस्थिति दर्ज होने के कारण ही प्रदेश को “टाइगर स्टेट” कहा जाता है. याचिकाकर्ता पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रोजेक्ट टाइगर (1973) की शुरुआत के बाद पहली बार किसी एक राज्य में एक वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में बाघों की मौत हुई है. मौत के पीछे शिकार, बिजली करंट, रेल दुर्घटनाएं और अन्य संदिग्ध परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया गया है.

हर साल बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा

याचिका में पिछले पांच वर्षों के आंकड़े भी अदालत के समक्ष रखे गए. इसके अनुसार 2021 से 2025 के बीच प्रदेश में कुल 222 बाघों की मौत दर्ज की गई.

  • 2021: 34
  • 2022: 43
  • 2023: 45
  • 2024: 46
  • 2025: 54

विशेष रूप से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में करीब 57 प्रतिशत मौतें अप्राकृतिक परिस्थितियों में होना बताया गया है. इनमें शिकार, बिजली करंट और संदिग्ध घटनाएं शामिल हैं.

हाल ही में उमरिया जिले के चंदिया रेंज में बिजली लाइन के पास एक बाघ का शव मिलने से करंट लगने की आशंका जताई गई है. हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. अगली सुनवाई में रिपोर्ट के आधार पर आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे.

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