नकली दवा कारोबार से जुड़े एक गंभीर विवाद में एडिशनल ड्रग कंट्रोलर (ADC) संजय नेताम को सरकार ने निलंबित कर दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य प्रशासन में हड़कंप मच गया है. सरकार ने यह निर्णय उस समय लिया, जब उनकी ओर से कथित रूप से एक नकली दवा कारोबारी से रेस्टोरेंट में बैठक करते हुए वीडियो सामने आया था. खबरों के अनुसार, उस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी सिंह ठाकुर भी मौके पर मौजूद थे.
इस मामले में ये भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि NSUI ने पांच लाख रुपए लेकर ADC संजय नेताम के खिलाफ प्रदर्शन किया था. हालांकि, संजय नेताम पर आरोप है कि नकली दवा मामले को दबाने के लिए दवा कारोबारी से सौदे की बात हुई थी.
निलंबन का आदेश हुआ जारी
निलंबन आदेश में कहा गया है कि रायपुर जिले की नकली दवाओं से जुड़े प्रकरण के आरोपित सारंगढ़ निवासी खेमराज बानी और उनकी पत्नी के साथ
संजय नेताम के मोतीबाग स्थित टेन कैफ़े (कॉफ़ी हाउस) में दोपहर करीब ढाई बजे कार्यालयीन समय के दौरान बैठक कर नकली दवाओं से जुड़े प्रकरण से संबंधित फाइल दिखाया जाने और फिर पूरे मामले की दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित न्यूज चैनल में प्रसारित हुआ. सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है. अतः राज्य शासन राज्य द्वारा संजय कुमार नेताम, सहायक औषधि नियंत्रण कार्यालय चालक खाद्य और औषधि प्रशासन, जिला रायपुर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा नियम 1966 के नियम १) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि में संजय कुमार नेताम का मुख्यालय कार्यालय नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नया रायपुर अटल नगर निर्धारित किया जाता है. नेताम सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे. निलंबन अवधि में संजय कुमार नेताम को मूलभूत नियम-53 के तहत जीवन निर्वाह भते की नियमानुसार पात्रता होगी.
नक्सली दवा के कई मामले आ चुके हैं सामने
दरअसल, छत्तीसगढ़ में नकली अमानक दवाओं की सरकारी अस्पताल में खपाने की कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे सरकार पर कई सवाल उठे. इस मामले का वीडियो आने और विपक्ष द्वारा सरकार पर आमजन की जान से खेलने का आरोप लगाने के बाद संजय नेताम को निलंबित किया गया है. केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल कुछ दवाइयां क्वालिटी टेस्ट में फेल भी पाई गईं और एक दवा नकली मिली थी, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा की चिंताएं बढ़ी हैं.