MD Drug Factory Bust: अशोकनगर जिले के चंदेरी थाना क्षेत्र के कडराना गांव में रात के अंधेरे में इंदौर नारकोटिक्स टीम ने दबिश देकर एक ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. इस कार्रवाई में टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और करोड़ों की एमडी ड्रग्स, केमिकल, हथियार और अन्य सामग्री बरामद की. शांत और छोटे से गांव में चल रहे इस बड़े गोरखधंधे का खुलासा होते ही इलाके में सनसनी फैल गई है.
कैसे पकड़ी गई ड्रग्स फैक्ट्री
इंदौर नारकोटिक्स विंग को गुप्त सूचना मिली थी कि कडराना गांव में एक घर के अंदर एमडी ड्रग्स बनाई जा रही है. रात में बिना किसी को भनक लगे टीम गांव पहुंची और राघवेंद्र परमार के घर पर दबिश दी. घर के अंदर ही बनाई जा रही फैक्ट्री में टीम को 1 किलो 282 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स, 2 किलो 579 ग्राम अर्धठोस तरल पदार्थ और करीब 45 किलो ड्रग्स तैयार करने वाला केमिकल मिला. मौके से एमडी बनाने के उपकरण, एक लाइसेंसी बंदूक, 15 जिंदा कारतूस, दो मैग्जीन और एक कार भी जब्त की गई.
दो आरोपी गिरफ्तार, नारकोटिक्स की बड़ी कार्रवाई
टीम ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया प्रांशुल जैन और राघवेंद्र परमार. दोनों के घरों से भारी मात्रा में ड्रग्स सामग्री बरामद होने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा में इंदौर ले जाया गया. कार्रवाई में डीएसपी, चार इंस्पेक्टर और दस कॉन्स्टेबल शामिल थे. टीम ने इतनी सतर्कता से ऑपरेशन किया कि गांव में किसी को भनक तक नहीं लगी.
स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल
गांव जैसे छोटे इलाके में इतनी बड़ी ड्रग्स फैक्ट्री चल रही थी, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी तक नहीं थी. इस बात ने सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सूचना तंत्र कहाँ विफल हुआ. क्या पुलिस को भनक नहीं लगी, या फिर किसी स्तर पर लापरवाही हुई. यह अब जांच का विषय बन चुका है.
ड्रग्स की सप्लाई कहां होती थी?
नारकोटिक्स विंग अब इस बात की जांच कर रहा है कि इन आरोपियों के तार कहां‑कहां जुड़े थे और तैयार की गई एमडी ड्रग्स किस नेटवर्क के जरिए सप्लाई की जा रही थी. जब्त मात्रा, उपकरण और फैक्ट्री की सेट‑अप को देखते हुए यह साफ है कि यह नेटवर्क छोटा नहीं था. आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है.