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Opinion

'Opinion' - 223 News Result(s)
  • आत्मविश्वास एक दिन में नहीं बनता... तो क्या करें?

    आत्मविश्वास एक दिन में नहीं बनता... तो क्या करें?

    आज हमें पहचान और पद की इच्छा होती है. यह विचार हमें सबसे अधिक विचलित करता है क्योंकि आज युवा आधुनिक भी बनना चाहता है और अपनी जड़ों से कटना भी नहीं चाहता.

  • धैर्य नहीं, तैयारी की अपेक्षा... बजट 2026 क्यों खास?

    धैर्य नहीं, तैयारी की अपेक्षा... बजट 2026 क्यों खास?

    भारत की जनसांख्यिकी भी इसी बात को सिद्ध करती है. देश की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है और हर वर्ष करीब 1.2 करोड़ युवा कार्यबल में प्रवेश करते हैं. यह संख्या चुनौती नहीं, बल्कि ऐतिहासिक अवसर है.

  • UGC Act 2026: विश्वविद्यालय केवल नियमों का पालन करने की जगह बन गए तो ज्ञान का निर्माण नहीं कर पाएंगे

    UGC Act 2026: विश्वविद्यालय केवल नियमों का पालन करने की जगह बन गए तो ज्ञान का निर्माण नहीं कर पाएंगे

    UGC Act 2026: प्रश्न यह नहीं है कि नियमन चाहिए या नहीं. प्रश्न यह है कि कैसा नियमन? क्या ऐसा नियमन जो विश्वविद्यालयों को केवल अनुपालन करने वाली संस्थाएं बना दे, या ऐसा नियमन जो उन्हें आत्म-मूल्यांकन, संवाद और सुधार की स्वतंत्रता दे? क्या हम शिक्षा को शासन का विषय मान रहे हैं, या ज्ञान-निर्माण की जीवंत प्रक्रिया?

  • एक दिन नहीं, एक सोच: राष्ट्रीय बालिका दिवस और ज़मीनी हकीकत

    एक दिन नहीं, एक सोच: राष्ट्रीय बालिका दिवस और ज़मीनी हकीकत

    National Girl Child Day: भारत के कई अन्य हिस्सों में आज भी बेटियों को “सुरक्षा” के नाम पर सीमित किया जाता है, शिक्षा को बोझ समझा जाता है और आर्थिक निर्भरता को सामान्य माना जाता है. यहाँ नीतियाँ तो हैं, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन और सामाजिक स्वीकार्यता कमजोर है. यही कारण है कि एक ही देश में महिला सशक्तिकरण की तस्वीर दो अलग-अलग भारत दिखाती है.

  • मकर संक्रांति और भारतीय युवा: परंपरा से नए अर्थ में ‘रीकनेक्ट’

    मकर संक्रांति और भारतीय युवा: परंपरा से नए अर्थ में ‘रीकनेक्ट’

     मकर संक्रांति का मूल संदेश है उत्तरायण. यह केवल सूर्य की दिशा परिवर्तन की कथा नहीं है, बल्कि मानव चेतना की दिशा बदलने का संकेत है. आज का युवा उसी संकेत को नए संदर्भ में पढ़ रहा है. वह परंपरा से कट नहीं रहा. वह परंपरा को नए अर्थ दे रहा है. 

  • 'चाइनीज' मौत... बहता सुर्ख लाल खून और दम तोड़ती जिंदगी

    'चाइनीज' मौत... बहता सुर्ख लाल खून और दम तोड़ती जिंदगी

    चाइनीज मांझा, जो 2017 से प्रतिबंधित है, आज भी भारत में मौत का कारण बन रहा है. दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में इससे कई लोगों और पक्षियों की जान जा चुकी है. पुलिस और प्रशासन की सीमित कार्रवाई अवैध बिक्री रोकने में नाकाम रही है. मकर संक्रांति जैसे त्योहारों से पहले यह सवाल गंभीर है कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा मांझा बाजार में कैसे बिक रहा है.

  • Chhattisgarh Rajyotsava: छत्तीसगढ़ की रजत जयंती, विश्वास और विकास के 11 साल

    Chhattisgarh Rajyotsava: छत्तीसगढ़ की रजत जयंती, विश्वास और विकास के 11 साल

    Chhattisgarh Rajyotsava: आज 25 साल बाद, जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो संतोष होता है. जो सपना अटल जी ने देखा था, उसे आज मोदी जी पूरा कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक है. हमारा 'धान का कटोरा'  मोदी जी के नेतृत्व में अब 'विकास का कटोरा' भी बन रहा है.

  • विश्व पर्यटन दिवस 2025: एक तिथि नहीं, एक दर्शन

    विश्व पर्यटन दिवस 2025: एक तिथि नहीं, एक दर्शन

    World Tourism Day: “पर्यटन और सतत परिवर्तन” का मर्म है—प्रकृति का संरक्षण, संस्कृति का सम्मान, समुदाय का सशक्तिकरण और प्रौद्योगिकी का सार्थक उपयोग. मध्यप्रदेश में यह केवल नीति नहीं; हमारे परियोजना-डिज़ाइन, कार्यान्वयन, क्षमता-निर्माण, स्थानीय सहभागिता और निरंतर मूल्यांकन की कार्यविधि में जीवंत है. हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—ऐसा पर्यटन तंत्र जो कार्बन-संवेदनशील, संसाधन-कुशल और सामाजिक-न्यायसंगत हो; जहाँ हर यात्री केवल आगंतुक न होकर हमारी सामूहिक विकास-यात्रा का सहभागी बने.

  • भारत की जीवंत आत्मा के उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय

    भारत की जीवंत आत्मा के उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय

    Pandit Deendayal Upadhyaya Jayanti: आज जब भारत यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर बनने और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा की ओर अग्रसर है, वोकल फॉर लोकल' की बात हो रही है, तब पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन और अधिक प्रासंगिक हो जाता है. एकात्म मानववाद केवल एक राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मार्गदर्शन भी है.

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : स्वदेशी का संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक - CM मोहन यादव

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : स्वदेशी का संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक - CM मोहन यादव

    "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व सेवा, त्याग, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है. उनके द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों ने आम नागरिक को राहत दी, स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की, आर्थिक विकास की राह दिखाई, सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया. उनके नेतृत्व में भारत ने संघर्ष से समाधान, संकट से अवसर और सीमित संसाधनों से वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा तय की है."

'Opinion' - 119 Video Result(s)
'Opinion' - 223 News Result(s)
  • आत्मविश्वास एक दिन में नहीं बनता... तो क्या करें?

    आत्मविश्वास एक दिन में नहीं बनता... तो क्या करें?

    आज हमें पहचान और पद की इच्छा होती है. यह विचार हमें सबसे अधिक विचलित करता है क्योंकि आज युवा आधुनिक भी बनना चाहता है और अपनी जड़ों से कटना भी नहीं चाहता.

  • धैर्य नहीं, तैयारी की अपेक्षा... बजट 2026 क्यों खास?

    धैर्य नहीं, तैयारी की अपेक्षा... बजट 2026 क्यों खास?

    भारत की जनसांख्यिकी भी इसी बात को सिद्ध करती है. देश की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है और हर वर्ष करीब 1.2 करोड़ युवा कार्यबल में प्रवेश करते हैं. यह संख्या चुनौती नहीं, बल्कि ऐतिहासिक अवसर है.

  • UGC Act 2026: विश्वविद्यालय केवल नियमों का पालन करने की जगह बन गए तो ज्ञान का निर्माण नहीं कर पाएंगे

    UGC Act 2026: विश्वविद्यालय केवल नियमों का पालन करने की जगह बन गए तो ज्ञान का निर्माण नहीं कर पाएंगे

    UGC Act 2026: प्रश्न यह नहीं है कि नियमन चाहिए या नहीं. प्रश्न यह है कि कैसा नियमन? क्या ऐसा नियमन जो विश्वविद्यालयों को केवल अनुपालन करने वाली संस्थाएं बना दे, या ऐसा नियमन जो उन्हें आत्म-मूल्यांकन, संवाद और सुधार की स्वतंत्रता दे? क्या हम शिक्षा को शासन का विषय मान रहे हैं, या ज्ञान-निर्माण की जीवंत प्रक्रिया?

  • एक दिन नहीं, एक सोच: राष्ट्रीय बालिका दिवस और ज़मीनी हकीकत

    एक दिन नहीं, एक सोच: राष्ट्रीय बालिका दिवस और ज़मीनी हकीकत

    National Girl Child Day: भारत के कई अन्य हिस्सों में आज भी बेटियों को “सुरक्षा” के नाम पर सीमित किया जाता है, शिक्षा को बोझ समझा जाता है और आर्थिक निर्भरता को सामान्य माना जाता है. यहाँ नीतियाँ तो हैं, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन और सामाजिक स्वीकार्यता कमजोर है. यही कारण है कि एक ही देश में महिला सशक्तिकरण की तस्वीर दो अलग-अलग भारत दिखाती है.

  • मकर संक्रांति और भारतीय युवा: परंपरा से नए अर्थ में ‘रीकनेक्ट’

    मकर संक्रांति और भारतीय युवा: परंपरा से नए अर्थ में ‘रीकनेक्ट’

     मकर संक्रांति का मूल संदेश है उत्तरायण. यह केवल सूर्य की दिशा परिवर्तन की कथा नहीं है, बल्कि मानव चेतना की दिशा बदलने का संकेत है. आज का युवा उसी संकेत को नए संदर्भ में पढ़ रहा है. वह परंपरा से कट नहीं रहा. वह परंपरा को नए अर्थ दे रहा है. 

  • 'चाइनीज' मौत... बहता सुर्ख लाल खून और दम तोड़ती जिंदगी

    'चाइनीज' मौत... बहता सुर्ख लाल खून और दम तोड़ती जिंदगी

    चाइनीज मांझा, जो 2017 से प्रतिबंधित है, आज भी भारत में मौत का कारण बन रहा है. दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में इससे कई लोगों और पक्षियों की जान जा चुकी है. पुलिस और प्रशासन की सीमित कार्रवाई अवैध बिक्री रोकने में नाकाम रही है. मकर संक्रांति जैसे त्योहारों से पहले यह सवाल गंभीर है कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा मांझा बाजार में कैसे बिक रहा है.

  • Chhattisgarh Rajyotsava: छत्तीसगढ़ की रजत जयंती, विश्वास और विकास के 11 साल

    Chhattisgarh Rajyotsava: छत्तीसगढ़ की रजत जयंती, विश्वास और विकास के 11 साल

    Chhattisgarh Rajyotsava: आज 25 साल बाद, जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ, तो संतोष होता है. जो सपना अटल जी ने देखा था, उसे आज मोदी जी पूरा कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों में से एक है. हमारा 'धान का कटोरा'  मोदी जी के नेतृत्व में अब 'विकास का कटोरा' भी बन रहा है.

  • विश्व पर्यटन दिवस 2025: एक तिथि नहीं, एक दर्शन

    विश्व पर्यटन दिवस 2025: एक तिथि नहीं, एक दर्शन

    World Tourism Day: “पर्यटन और सतत परिवर्तन” का मर्म है—प्रकृति का संरक्षण, संस्कृति का सम्मान, समुदाय का सशक्तिकरण और प्रौद्योगिकी का सार्थक उपयोग. मध्यप्रदेश में यह केवल नीति नहीं; हमारे परियोजना-डिज़ाइन, कार्यान्वयन, क्षमता-निर्माण, स्थानीय सहभागिता और निरंतर मूल्यांकन की कार्यविधि में जीवंत है. हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—ऐसा पर्यटन तंत्र जो कार्बन-संवेदनशील, संसाधन-कुशल और सामाजिक-न्यायसंगत हो; जहाँ हर यात्री केवल आगंतुक न होकर हमारी सामूहिक विकास-यात्रा का सहभागी बने.

  • भारत की जीवंत आत्मा के उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय

    भारत की जीवंत आत्मा के उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय

    Pandit Deendayal Upadhyaya Jayanti: आज जब भारत यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर बनने और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा की ओर अग्रसर है, वोकल फॉर लोकल' की बात हो रही है, तब पंडित दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन और अधिक प्रासंगिक हो जाता है. एकात्म मानववाद केवल एक राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मार्गदर्शन भी है.

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : स्वदेशी का संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक - CM मोहन यादव

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : स्वदेशी का संकल्प और राष्ट्र निर्माण के प्रेरक - CM मोहन यादव

    "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व सेवा, त्याग, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है. उनके द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों ने आम नागरिक को राहत दी, स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की, आर्थिक विकास की राह दिखाई, सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा दिया. उनके नेतृत्व में भारत ने संघर्ष से समाधान, संकट से अवसर और सीमित संसाधनों से वैश्विक प्रतिष्ठा की यात्रा तय की है."

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