
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत के मामले में केंद्र को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने चीता प्रोजेक्ट केंद्र पर छोड़ दिया है. साथ ही कोर्ट ने केंद्र की दलीलों को भी मंजूर किया है. कोर्ट ने कहा कि केंद्र की दलीलों पर भरोसा न करने का कोई कारण नहीं बनता है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि केंद्र विशेषज्ञों की राय पर भी विचार करें. इसके साथ ही कोर्ट ने चीतों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है.
कोर्ट ने कहा, ''हमें केंद्र पर अविश्वास क्यों करना चाहिए? वे कहते हैं कि वे कदम उठा रहे हैं. वे विदेशी विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं. ये केंद्र का विशेषाधिकार है कि वो विशेषज्ञों की राय को शामिल करें या नहीं.''
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जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की पीठ ने आदेश में कहा कि 11 एक्सपर्ट कमेटी काम कर रही है. इनसे चार विशेषज्ञ भी हैं.
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दरअसल, चीतों की मौत के मामले में विशेषज्ञ प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई है कि दुनिया भर में चीता संरक्षण के विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली जा रही है. कोर्ट ने कहा कि किस विशेषज्ञ की राय को शामिल किया जाए, ये केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है. हम आग्रह करते हैं कि सरकार विशेषज्ञों की राय पर भी विचार करें.