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कूनो पहुंचे सीएम मोहन यादव, घड़ियाल और कछुओं के बच्चों को नदी में छोड़ा

ग्वालियर-श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में सीएम मोहन यादव ने देवरी केंद्र से लाए गए 53 घड़ियाल बच्चों (28 नर, 25 मादा) और दुर्लभ प्रजाति के 25 कछुओं को कूनो नदी में छोड़ा. उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे.

कूनो पहुंचे सीएम मोहन यादव, घड़ियाल और कछुओं के बच्चों को नदी में छोड़ा

CM Yadav Kuno National Park: कूनो पहुंचे सीएम मोहन यादव ने घड़ियाल और कछुओं के बच्चों को कूनो नदी में छोड़कर वन्यजीव संरक्षण का मजबूत संदेश दिया. उनके साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे. इस पहल से कूनो नेशनल पार्क में जंगल सफारी का अनुभव और समृद्ध होगा, जहां पर्यटक अब चीतों के साथ‑साथ घड़ियाल और विलुप्तप्राय कछुओं को भी करीब से देख सकेंगे.

रविवार को मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क पहुंचे. उनके साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी थे. सीएम ने कूनो के जंगलों और कूनो नदी के तट पर पहुंचकर वन्यजीव संरक्षण की गतिविधियों का जायजा लिया.

घड़ियाल और कछुओं के बच्चों को नदी में छोड़ा गया

सीएम मोहन यादव ने देवरी घड़ियाल केंद्र से लाए गए 53 घड़ियाल के बच्चों (28 नर और 25 मादा) को अपने हाथों से कूनो नदी की धार में छोड़ा. इसी के साथ तीन धारियों वाली दुर्लभ प्रजाति के 25 नन्हे कछुओं को भी नदी में आजाद किया गया, ताकि वे प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से बढ़ सकें.

मुख्यमंत्री के साथ‑साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और श्योपुर बीजेपी जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने भी घड़ियाल और कछुओं के बच्चों को नदी में छोड़ा. इस संयुक्त पहल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर संरक्षण के प्रयासों को गति देना है.

वन्यजीव संरक्षण पर सीएम का संदेश

सीएम ने कहा कि जंगल वन्यजीवों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं. फॉरेस्ट विभाग जलचर और वन्य प्राणियों को बचाने और उनके संरक्षण में जिम्मेदारी से काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी प्रजातियों को बचाने और उन्हें जीवित रखने के लिए लगातार सार्थक प्रयास जारी हैं.

पर्यटन और पर्यावरण दोनों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो में आने वाले पर्यटक अब चीतों के साथ कूनो की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, घड़ियाल, कछुए और अन्य जलचर प्रजातियों को भी देख सकेंगे. इससे न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षा को बल मिलेगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा.

चीता प्रोजेक्ट पर सकारात्मक संकेत

सीएम मोहन यादव ने बताया कि 28 फरवरी को बोत्सवाना से कूनो में छोड़े गए 9 चीतों समेत, नमिबिया और साउथ अफ्रीका से आए चीतों की बसाहट सफल हो रही है. उनके अनुसार, यह तथ्य कि ये चीते यहां के वातावरण में घुल‑मिलकर नई पीढ़ी को जन्म दे रहे हैं, भारत में चीता प्रोजेक्ट की सफलता का स्पष्ट उदाहरण है.

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