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भारत से बहुत कुछ सीख सकती है दुनिया: रामसर कन्वेंशन महासचिव, CM मोहन बोले- हमने नदी, पहाड़ों को ईश्वर माना

World Wetlands Day: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि पौधों में जीवन होने के तथ्य को प्रमाणित करने वाले नोबल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक हरगोविंद खुराना ने कहा था कि पेड़-पौधों में प्राण होने का विश्वास भारतीय मानस में सांस्कृतिक रूप से रचा-बसा है. उन्होंने विश्व में इस मान्यता को स्थापित करने मात्र के लिए वैज्ञानिक रूप से इसे प्रमाणित किया.

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भारत से बहुत कुछ सीख सकती है दुनिया: रामसर कन्वेंशन महासचिव, CM मोहन बोले- हमने नदी, पहाड़ों को ईश्वर माना

World Wetlands Day:  विश्व आर्द्रभूमि दिवस के मौके पर इंदौर के सिरपुर तालाब के किनारे आयोजित कार्यक्रम में शुक्रवार को स्विट्जरलैंड स्थित रामसर कन्वेंशन की महासचिव मुसोंडा मुंबा (Musonda Mumba Secretary General of the Convention on Wetlands) ने कहा कि आर्द्र भूमियों को बचाकर जैव विविधता के संरक्षण के मामले में दुनिया भारत से बहुत कुछ सीख सकती है. उन्हाेंने कहा कि जैव विविधता संरक्षण के लिए भारत में काफी काम हो रहा है, दुनिया भारत से इस मामले में बहुत कुछ सीख सकती है. उन्होंने भारत के लोगों से अपील की कि वे आर्द्र भूमियों के संरक्षण की कहानियों को दुनिया से साझा करें. इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Madhya Pradesh) मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भी शामिल हुए थे. 

प्रतिवर्ष 02 फरवरी को विश्व वेटलैण्ड्स  दिवस मनाया जाता है. इस दिन 1971 में ईरान के रामसर शहर में तालाबों को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे. तालाबों के प्रति जागृति लाने के उद्देश्य से ये दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष की थीम ‘‘Wetlands and Human Wellbeing'' है. इसका मुख्य उद्देश्य यह रेखांकित करना है कि तालाबों का संरक्षण और मनुष्यों के कल्याण का अंर्तसंबंध हैं और तालाब और मनुष्य परस्पर एक दूसरे पर निर्भर हैं.

MP के वेटलैंड क्षेत्रों की रामसर साइट्स के रूप में पहचान के लिए होंगे प्रयास : CM

सीएम मोहन यादव ने कहा है कि तालाबों और जल स्त्रोतो के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनभागीदारी से गतिविधियों को अभियान का रूप दिया जाएगा. इंदौर के तालाबों के साथ-साथ प्रदेश के अन्य वेटलैंड क्षेत्रों को रामसर साइट के रूप में घोषित कराने का प्रयास किया जाएगा.

विश्व के सभी देशों में केवल भारत में ही देश को माता स्वरूप माना जाता है. वसुधैव कुटुम्बकम का सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि संपूर्ण वसुधा हमारे लिए कुटुम्ब के समान है. हमारी संस्कृति में सभी प्रकार के जीव-जंतु, नदी-पहाड़-पर्वत में ईश्वर का स्वरूप माना गया है.

मोहन यादव

मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश सरकार

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि पौधों में जीवन होने के तथ्य को प्रमाणित करने वाले नोबल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक हरगोविंद खुराना ने कहा था कि पेड़-पौधों में प्राण होने का विश्वास भारतीय मानस में सांस्कृतिक रूप से रचा-बसा है. उन्होंने विश्व में इस मान्यता को स्थापित करने मात्र के लिए वैज्ञानिक रूप से इसे प्रमाणित किया.

यशवंत सागर के कमल और सिरपुर की जलकुंभी से बने पुष्पगुच्छों से हुआ स्वागत

मुख्यमंत्री ने विश्व वेटलैंड दिवस पर देश में वेटलैंड के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और वेटलैंड से प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रकार के पदार्थ तथा उत्पादों पर लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ कर प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया. मुख्यमंत्री को यशवंत सागर के कमल और सिरपुर की जलकुंभी से बने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया.

सीएम ने कहा कि काल के प्रवाह में आई विसंगतियों के परिणामस्वरूप हमारे प्राकृतिक संसाधन प्रदूषित हुए. इंदौर में 300 साल पहले निर्मित हुआ सिरपुर तालाब पेयजल की आपूर्ति करता था. बदली जीवनशैली के परिणामस्वरूप घरों से निकलने वाले वेस्ट वॉटर के कारण हमारे कई जल स्त्रोत प्रदूषित हुए हैं. परिणामस्वरूप केवल जल ही नहीं खराब हुआ अपितु सम्पूर्ण पारस्थितिकी तंत्र में असंतुलन आया है, पेड़-पौधे-पक्षी प्रभावित हुए हैं. इस परिस्थिति में इन जल स्त्रोतों को बचाने की बहुत आवश्यकता है. यशवंत सागर, रामसर साइट पहले से ही था और सिरपुर भी रामसर साइट बना है. अब इंदौर को रामसर सिटी बनाने की बात स्वागत और बधाई योग्य है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल स्त्रोतों में परस्पर संबंध होने के परिणामस्वरूप इंदौर के तालाबों की परिस्थिति में सुधार से क्षिप्रा नदी में भी सुधार आएगा. जल का बढ़ता दुरूपयोग हम सभी के लिए चिंता का विषय है. इसमें सुधार के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वित रूप से कार्ययोजना बनाकर समाज को साथ लेते हुए इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है. राज्य सरकार तालाबों को बचाने के पुनीत कार्य में रामसर सचिवालय को हरसंभव सहयोग देने के लिए सदैव तत्पर रहेगी.

मुसोंडा मुंबा ने की पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना 

भारत में अधिसूचित रामसर स्थलों की तादाद हाल ही में 75 से बढ़कर 80 होने के लिए मुंबा ने केंद्र सरकार को बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व की सराहना की. उन्होंने कहा,‘‘भारत सरकार 1982 में रामसर कन्वेंशन से जुड़ी थी. शुरुआत में भारत में राजस्थान के केवलादेव (राष्ट्रीय उद्यान) और उड़ीसा की चिल्का झील के रूप में केवल दो रामसर स्थल अधिसूचित थे. आज देश में ऐसे स्थलों की तादाद बढ़कर 80 पर पहुंच गई है.''

मुंबा ने विस्तृत जानकारी दिए बगैर कहा,‘‘हमारे पास भारत के लिए एक तोहफा है. इसके खुलासे के लिए हमें थोड़ा वक्त दीजिए.'' उन्होंने ‘‘आर्द्र भूमियां और मानवीय कुशल-क्षेम'' विषय पर आधारित कार्यक्रम में कहा कि वह पहली बार भारत आई हैं और जल स्त्रोतों के संरक्षण को लेकर देश के इतिहास के बारे में जानकर हैरान हो गई हैं.
विश्व वेटलैंड दिवस पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव

विश्व वेटलैंड दिवस पर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव

देश के रामसर साइट्स के फूलों की डॉक्यूमेंट्री सहित अन्य पुस्तकों का हुआ विमोचन

सीएम मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार द्वारा वेटलैंड के रखरखाव पर विकसित मार्गदर्शिका, जर्नी ऑफ़ वैटलैंड कंजर्वेशन इन इंडिया, भारत की रामसर साइट्स पर केंद्रित पुस्तिका तथा बोटैनिकल सर्वे ऑफ़ इंडियन फ्लोरल डॉक्यूमेंट्री आफ रामसर साइट्स पुस्तकों का विमोचन किया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वेटलैंड अमृत धरोहर और वेटलैंड के गाइड्स के लिए प्रशिक्षण सामग्री का डिजिटल विमोचन भी किया. इसके साथ ही वेटलैंड फॉर लाइफ विषय पर होने वाले फिल्म फेस्टिवल का टीजर भी जारी किया गया. कार्यक्रम में बलोदा बाजार छत्तीसगढ़ के बच्चों द्वारा वेटलैंड के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पर केंद्रित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया.

कुंओं, तालाबों और जल स्त्रोतों का सम्मान हमारे संस्कार से जुड़ा है : कैलाश विजयवर्गीय

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुंओं, तालाबों और जल स्त्रोतों का सम्मान और उनके प्रति श्रद्धा भाव हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं और यह हमारे संस्कार से जुड़े हैं. उनकी बर्बादी केलिए भी हम ही जिम्मेदार हैं, लेकिन अब जल स्त्रोतों के संरक्षण और उन्हें साफ-सुथरा रखने के लिए समाज में जागरूकता आई है. पीएम मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में इस दिशा में हुए कार्यों से लोगों की सोच बदली है. जल स्त्रोतों के संरक्षण में जनभागीदारी को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है. इंदौर क्लीन सिटी तो बन गई है, साथ ही इंदौर को वेटलैंड सिटी के रूप में भी पहचान मिले इस दिशा में भी प्रयास करने की जरूरत है.

तालाबों के संरक्षण में भी इंदौर मिसाल प्रस्तुत करेगा : तुलसीराम सिलावट

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अतिथियों का देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में स्वागत करते हुए कहा कि इंदौर जो भी करता है, वह अद्भुत करता है और उसकी छाप राष्ट्र के पटल पर अंकित होती है. तालाबों व अन्य जल स्त्रोतों के संरक्षण के क्षेत्र में भी इंदौर मिसाल प्रस्तुत करेगा.

कार्यक्रम में रामसर साइट्स के 200 से अधिक एक्सपर्ट्स हुए सम्मिलित

इस कार्यक्रम में पर्यावरण एवं वन मंत्री नागर सिंह चौहान, पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, स्थानीय विधायक मालिनी गौड़ तथा देश के सभी राज्यों वेटलैंड प्राधिकरण के अधिकारी, वैज्ञानिक और देश के रामसर साइट्स के प्रबंधकों सहित 200 से अधिक विशेषज्ञ सम्मिलित हुए.

यह भी पढ़ें : CM मोहन यादव का ऐलान- किसानों को ₹56 करोड़ लौटाएंगे, नई फैक्ट्री लगवाएंगे, अग्निवीर के लिए 360 घंटे की फ्री ट्रेनिंग

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