Dog in the Hospital: जहां एक ओर सरकार सुरक्षित प्रसव और मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे करती है, वहीं डिंडोरी जिले के अमरपुर जनपद मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आई तस्वीरों ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, बीती रात प्रसूति वार्ड में जो नजारा देखने को मिला, उसने अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी.
मामला उस समय सामने आया जब प्रसूति वार्ड में एक आवारा कुत्ता खुलेआम घूमता दिखाई दिया. चौंकाने वाली बात यह रही कि वह नवजात शिशुओं के पलंगों के आसपास मंडराता नजर आया. इस दृश्य ने वहां मौजूद परिजनों को दहशत में डाल दिया. संक्रमण और किसी अनहोनी की आशंका को लेकर परिजन बेहद चिंतित हो गए. हालांकि, इस दौरान अस्पताल परिसर में न तो कोई सुरक्षाकर्मी दिखा और न ही ऐसे हालात से निपटने के लिए कोई तत्काल कदम ही उठाया गया.
शिकायत के बाद भी नहीं जागा स्टाफ
प्रसूति वार्ड में कुत्ते के घुसने पर परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को इसकी सूचना दी, लेकिन आरोप है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो परिजनों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रसूति वार्ड जैसी संवेदनशील जगह की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती है, तो अन्य मरीजों की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
मरीज के रिश्तेदार ने बनाया वीडियो
अस्पताल में मौजूद एक तीमारदार शिव कुमार राजपूत इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मैं अपनी पत्नी अनीता को डिलेवरी कराने के लिए रात क़रीब 12 बजे अमरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गया था. जहां मैंने वार्ड के अंदर आवारा कुत्ते को घूमते देखा, जिसके बाद बीएमओ सहित कई जगह फ़ोन लगाया, लेकिन किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया. फिर मैंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, ताकि प्रशासन के ज़िम्मेदार अधिकारी इसपर संज्ञान लें.
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी तस्वीरें
यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी जिला चिकित्सालय और मेहदवानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से इसी तरह की लापरवाही की तस्वीरें सामने आ चुकी हैं. बावजूद इसके व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा है. लगातार सामने आ रही घटनाएं यह बताने के लिए काफी है कि अस्पतालों में बुनियादी सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की निगरानी में गंभीर कमी है.
'जांच के बाद होगी कार्रवाई'
वहीं, इस पूरे मामले पर डिंडोरी के सीएमएचओ डॉक्टर मनोज पांडे से बात की गई, तो उन्होंने जब अमरपुर स्वास्थ्य केंद्र का मामला मेरी संज्ञान में आया है. वीडियो की जांच कराई जा रही है और जांच के बाद लापरवाह कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो जिसके लिए सभी बीएमओ को नोटिस जारी किए जा रहे हैं.
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अब बड़ा सवाल यह है कि इस गंभीर चूक पर प्रशासन क्या कदम उठाएगा. क्या जिम्मेदार अधिकारियों और स्टाफ पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? मातृशिशु स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी स्वास्थ्य तंत्र की प्राथमिकता होनी चाहिए. ऐसे में प्रसूति वार्ड में सुरक्षा व्यवस्था की यह तस्वीर व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाती है.
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