MP Vidhan Sabha Budget Session 2026 Day 4: मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Vidhan Sabha) के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को विपक्ष ने सरकार के खिलाफ विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया. विधायक दल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है और पूरे प्रदेश में “घोषणाओं की सरकार” चल रही है. विपक्ष का कहना है कि बजट में हर वर्ग को निराशा ही हाथ लगी है. स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल बनी हुई है, मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई, कुपोषण की समस्या अब भी जस की तस है, ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर केवल आश्वासन मिलता रहा है, किसानों की कर्ज माफी पर कोई ठोस पहल नहीं हुई और शिक्षा व्यवस्था लगातार चरमराती जा रही है.
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 04 दिन
— Umang Singhar (@UmangSinghar) February 19, 2026
आज विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन सरकार के झूठे और खोखले वादों के विरुद्ध विधानसभा परिसर में विधायक दल के साथ सांकेतिक प्रदर्शन किया।
प्रदेश में सरकार केवल घोषणाओं के सहारे चल रही है, जबकि जमीन पर हकीकत बिल्कुल अलग है। बजट से हर वर्ग… pic.twitter.com/XioAOmAPTk
“झूठे और खोखले वादों” का आरोप
नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की आवाज है. उनके अनुसार, यह लड़ाई जनता के अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी है, जिसे वे पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे. विपक्षी विधायकों ने सरकार पर “झूठे और खोखले वादों” का आरोप लगाते हुए कहा कि वे विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे.
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 04 दिन
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विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा परिसर में भागीरथपुरा जलकांड के गंभीर मुद्दे पर पत्रकार साथियों से विस्तृत चर्चा।
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नेता प्रतिपक्ष ने इससे पहले कहा कि MGNREGA खत्म होने से मध्य प्रदेश पर पड़ा 10 हज़ार करोड़ का भार ! केंद्र की भाजपा सरकार ने कांग्रेस द्वारा लाए गए 100 दिन रोज़गार योजना MGNREGA को ख़त्म कर विकसित भारत G Ram G स्कीम लाया. आज मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत बजट में 10 हज़ार करोड़ का प्रावधान किया है. यह इसलिए हुआ क्योंकि मोदी सरकार ने इस नई स्कीम के तहत खर्च का 40% भार राज्य सरकार पर डाल दिया जो MGNREGA स्कीम के तहत पूर्णतः केंद्र सरकार पर था.
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र - 04 दिन
— Umang Singhar (@UmangSinghar) February 19, 2026
आज विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन सरकार के झूठे और खोखले वादों के विरोध में विधानसभा परिसर में विधायक दल के साथ सांकेतिक प्रदर्शन कर जनता की आवाज बुलंद की।
यह संघर्ष जनता के अधिकार, न्याय और सच्चाई के लिए है और हम इसे पूरी ताकत से जारी… pic.twitter.com/lCyakUhbb1
उदाहरण के तौर पर, वर्ष 2024-25 में MGNREGA स्कीम के तहत ₹6791 करोड़ खर्च किए गए जिसमें केंद्र सरकार ने ₹6286 करोड़ का अनुदान प्रदेश सरकार को दिया. जबकि इस नई स्कीम के तहत खर्च का 40% हिस्सा राज्य सरकार को देना होगा. मध्य प्रदेश जिस पर पहले से 6 लाख करोड़ का कर्ज है इस साल G Ram G स्कीम के तहत 10 हज़ार करोड़ का बोझ ओर बढ़ गया. सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि इस स्कीम के तहत 100 दिन काम के बजाए 125 काम मिलेगा. मगर सच्चाई यह है कि मध्य प्रदेश में इस स्कीम का इंप्लीमेंटेशन काफ़ी ख़राब रहा है और भ्रष्टाचार व्याप्त है.
कोविड वर्षों (2020-2021) में जहां एक करोड़ मजदूर पंजीकृत थे, आज उनकी संख्या घटकर 52 लाख रह गई है. जहां एक तरफ मनरेगा से मजदूरों के नाम काटे जा रहे हैं, वहीं प्रदेश में असंगठित श्रमिकों की संख्या बढ़कर 1.91 करोड़ हो गई है. श्रम मंत्रालय के ई-श्रम पोर्टल के अनुसार, जुलाई 2025 से नवंबर 2025 के बीच मात्र चार महीनों में 2.15 लाख नए श्रमिक जुड़े हैं, यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. यह जानकारी खुद मोदी सरकार ने संसद में दी है.
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