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Conocarpus Tree: क्या है तीन राज्यों में प्रतिबंधित कोनोकार्प? जानें क्यों राजधानी भोपाल के लिए है खतरे की घंटी?

Conocarpus Tree Side Effects: राजधानी के श्यामला हिल्स पर बने स्मार्ट सिटी पार्क में बड़ी संख्या में खड़े कोनोकॉर्पस के पेड़ दिखने में भले हरे-भरे लगते हैं, लेकिन तीन राज्यों में प्रतिबंधित कोनोकॉर्पस के पेड़ पर्यावरण के अनुकूल बिल्कुल नहीं हैं, ये पेड़ इंसानों के सेहत के लिए खतरा है. इनकी गहरी जड़ें भूगर्भ जल तो सोखते ही हैं, बल्कि इंसानों को गंभीर बीमारी भी देते हैं. 

Conocarpus Tree: क्या है तीन राज्यों में प्रतिबंधित कोनोकार्प? जानें क्यों राजधानी भोपाल के लिए है खतरे की घंटी?
Conocarpus Tree In Bhopal

Conocarpus Tree: राजधानी भोपाल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मशहूर है, लेकिन इसी हरियाली के पीछे एक ऐसा सच छिपा है जो आपकी सेहत बिगाड़ सकता है. जी हां, श्यामला हिल्स पर बने स्मार्ट सिटी पार्क में साल 2021 से बड़े पैमाने पर कोनोकार्पस पेड़ लगाए गए, जो इंसानी स्वास्थ्य ही नहीं, पर्यावरण के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है. 

राजधानी के श्यामला हिल्स पर बने स्मार्ट सिटी पार्क में बड़ी संख्या में खड़े कोनोकॉर्पस के पेड़ दिखने में भले हरे-भरे लगते हैं, लेकिन तीन राज्यों में प्रतिबंधित कोनोकॉर्पस के पेड़ पर्यावरण के अनुकूल बिल्कुल नहीं हैं, ये पेड़ इंसानों के सेहत के लिए खतरा है. इनकी गहरी जड़ें भूगर्भ जल तो सोखते ही हैं, बल्कि इंसानों को गंभीर बीमारी भी देते हैं. 

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गुजरात, तेलंगाना और आंध में  पूरी तरह से प्रतिबंधित है अफ्रीकी कोनोकॉर्प

गौरतलब है अफ्रीकी मूल के कोनोकॉर्प पेड़ से इंसानी स्वास्थ्य पर्यावरण और भूगर्भ जलों के लिए अभिशाप कहे जाते हैं. इसके संपर्क में आने वाले इंसान कई गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. इनमें एलर्जी, खांसी और अस्थमा प्रमुख हैं. शायद यही कारण है कि तीन राज्यों क्रमशः गुजरात, तेलंगाना और आंध-प्रदेश में यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है.

निगम कमिश्नर ने कहा कि उन्हें पहले इस पेड़ के नुकसान की जानकारी नहीं थी

पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे ने तीन राज्यों में पूरी तरह से प्रतिबंधित कोनोकॉर्प पेड़ के राजधानी में पाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे जल्द हटाना चाहिए. राजधानी में कोनोकॉर्प पेड़ की मौजूदगी पर प्रतिक्रिया देते हुए भोपाल नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने कहा कि उन्हें पहले इस पेड़ के नुकसान की जानकारी नहीं थी. 

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पर्यावरण विशेषज्ञ भी कोनोकॉर्प के दुष्प्रभावों को इंगित करते हुए कोनोकॉर्पस पेड़ को तुरंत हटाने की बात कह चुके हैं. इसके नुकसान से अनभिज्ञता नगर निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण ने कहा कि राजधानी भोपाल में कोनोकॉर्पस के पेड़ कैसे लगाए गए, इसकी जांच कराएंगे.

बड़ा सवाल है कि भोपाल जैसे स्मार्ट सिटी में इसे लगाने की इजाजत कैसे मिली?

अब सवाल ये है कि जब कोनोकॉर्प पेड़ के इंसानी स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों, पर्यावरण को होने वाले नुकसान और भूगर्भ जलों के खतरों को देखते हुए तीन राज्यों में प्रतिबंधित किया जा चुका है, तो भोपाल जैसे स्मार्ट सिटी में इसे लगाने की इजाजत कैसे मिली? सवाल गंभीर है, जिसका जवाब जांच के बाद आना तय है.

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