New Year 2026 Celebrations in MP: मध्य प्रदेश में नए साल पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. अमरकंटक, ओंकारेश्वर, ओरछा आदि... सभी प्रमुख मंदिरों में भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. ताकि साल के पहले दिन ईश्वर के आशीर्वाद के साथ नव वर्ष की शुरुआत कर सकें.
नए साल पर अमरकंटक में आस्था का महासंगम
प्रदेश की पवित्र नगरी अमरकंटक में आज सुबह से श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी है. कोरोना काल के बाद यह पहला अवसर है, जब बिना किसी पाबंदी के हजारों भक्त दर्शन, स्नान और पूजा-अर्चना के लिए अमरकंटक पहुंच रहे है. झूला पुल, कपिलधारा और सोन मूड़ा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जहां ग्लास व्यू प्वाइंट पर सेल्फी लेने वालों की भीड़ देखी जा रही है.

इधर, अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप जारी है. सुबह-शाम ओस जमकर बर्फ का रूप ले रही है और पूरी नगरी सफेद चादर में लिपटी नजर आ रही है. इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था ठंड पर भारी पड़ रही है. संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया है, ताकि नए साल का आगमन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से हो सके.
भव्य शोभायात्रा निकाली गई
रायसेन जिले के बरेली नगर स्थित मारुति नगर में महिला शक्ति की आस्था, एकता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. वर्ष 2025 को भावभीनी विदाई देने के बाद नववर्ष 2026 का स्वागत पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में किया गया.
नववर्ष के प्रथम दिन जनवरी के स्वागत अवसर पर महिला शक्ति द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्वितीय दृश्य देखने को मिला.

ढोल-नगाड़ों, भजनों और जयघोष के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को शिवमय और भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया. यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में महिला शक्ति की सक्रिय भूमिका, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी सशक्त संदेश दे रहा है.
नये साल पर भगवान का आशीर्वाद लेने मंदिरों में उमड़े लोग
बीती रात लोगों में विगत वर्ष की विदाई और नव वर्ष के आगमन का जश्न मनाया, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने 2026 की शुरुआत धार्मिक भक्तिभाव के साथ मंदिरों में पूजा अर्चना की. आज सुबह से ही बड़ी संख्या मे लोगों की भीड़ शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी. अचलेश्वर मंदिर, श्रीराम मंदिर, साईं मंदिर समेत सभी देवालयो में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. लोगों का कहना है कि वो नये साल को भगवान से आशीर्वाद लेकर शुरू करना चाहते है.
ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर पहुंचे BJP एमएलए, सुख समृद्धि की कामना की
साल 2025 की विदाई और नूतन वर्ष 2026 के आगमन पर अपने क्षेत्र में सुख समृद्धि और विकास के नए रास्ते खुलें, इसी मनोकामना के साथ मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के मांधाता विधानसभा से विधायक नारायण पटेल देश के चतुर्थ ज्योतिर्लिंग खंडवा जिले के ओंकारेश्वर पहुंचे. यहां उन्होंने सभी के लिए शुभ समृद्धि की कामना की. वहीं उन्होंने पहले मां नर्मदा के दर्शन कर भगवान ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर के दर्शन किए, जिसके बाद भगवान ममलेश्वर के दर्शन करने पहुंचे.
ओरछा के रामराजा दरबार में दर्शन करने पहुंचे भक्त
ओरछा के हर कोई नए साल की शुरुआत राम दरबार में मत्था टेक कर कर रहा है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य क्रांति गौड़ भी पहुंची और ओरछा दरवार में मत्था टेका. शाम तक 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के ओरछा मंदिर में पहुंचने की सभावना है.

देवी-देवताओं का किया गया आकर्षक श्रृंगार
शाजापुर में नववर्ष 2026 का पहला दिन आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया. गुरुवार सुबह शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. शहरवासियों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर नए साल की शुरुआत की. शहर के प्रसिद्ध मां राजराजेश्वरी मंदिर, बोलाई स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर, भैरव टेकरी, मुरादपुरा हनुमान मंदिर, बालवीर हनुमान मंदिर, डांसी हनुमान मंदिर और नित्यानंद आश्रम में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं. मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था और देवी-देवताओं का आकर्षक श्रृंगार किया गया था.

लोगों ने भगवान के दर्शन कर नए साल की शुरुआत की
रीवा शहर के लोगों ने 2026 नए साल की शुरुआत ऐतिहासिक चिरहुला मंदिर पहुंचकर हनुमान जी के दर्शन के साथ की. लोगों का कहना था कि पुरानी बातें भूलकर, नए सिरे से, नए साल की शुरुआत करनी है. सब मिलजुल कर अच्छे से रहे... समाज, शहर, जिले ,देश- प्रदेश की खूब तरक्की हो. यह मनोकामना के साथ हम यहां पर सुबह आए हैं. भगवान के दर्शन करने से दिन अच्छा बीतता है. आज सबसे पहले हमने हनुमान जी के दर्शन किया है. उम्मीद है पूरा साल अच्छा बीतेगा. हमने कुछ लोगों से बात की.
ओंकारेश्वर में भी नए साल की शुरुआत में हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा ओंकार नाथ के दर्शन करने पहुंचे. हर कोई यही चाहता है कि उसका नया वर्ष मंगलमय बीते. यहां पर कोई नए घर की, तो कोई परिवार की सुख शांति के लिए, तो कोई देश में अमन चैन की मुराद लेकर पहुंच रहा है.
प्रदेश भर से पहुंच रहे श्रद्धालु
सिद्धी विनायक गणेश मंदिर में केवल सीहोर जिले से ही नहीं, बल्कि भोपाल, इंदौर, देवास और शाजापुर सहित प्रदेश के कोने-कोने से लोग पहुंच रहे हैं. भक्तों का मानना है कि साल के पहले दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश के दर्शन करने से पूरा साल निर्विघ्न और मंगलमय बीतता है.

सीहोर में ऐतिहासिक सिद्धी विनायक चिंतामन गणेश मंदिर जयकारों से गूंज उठा. नए साल की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद के साथ करने की चाहत में गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. आलम यह था कि कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और तडक़े से ही लंबी कतारें लग गईं. सीहोर का यह पेशवा कालीन मंदिर अपनी प्राचीन मान्यताओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है. नए साल के मौके पर यहां एक खास नजारा देखने को मिला. मंदिर के पीछे की दीवार पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उल्टा स्वास्तिक बनाकर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की मन्नत मांग रहे हैं... वहीं जिन श्रद्धालुओं की मन्नतें पूरी हो गई, वो सीधा स्वास्तिक बना रहे हैं.
मंदिर पुजारी पंडित चारु चंद्रा व्यास ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी संख्या का अनुमान पहले से ही था. उन्होंने कहा कि नए साल पर भक्तों को दर्शन में कोई परेशानी न हो, इसके लिए कतारों की विशेष व्यवस्था की गई है. सुबह की आरती से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है जो देर रात तक जारी रहेगा.
पुलिस की कड़ी चौकसी
भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि यातायात व्यवस्था न बिगड़े. पार्किंग के लिए भी अलग से स्थान चिन्हित किए गए हैं.
शक्तिपीठ श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में भक्तों का सैलाब
देश की प्रसिद्ध तांत्रिक शक्तिपीठ श्री पीतांबरा पीठ मंदिर पर वर्ष के पहले दिन भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है. मां पीतांबरा देवी भक्तों पर अटूट कृपा करती है. आम हो या खास हर कोई वर्ष के पहले दिन शुरुआत अच्छी करना चाहता है. श्री पीतांबरा पीठ मंदिर देश का ऐसा मंदिर है, जहां प्रार्थना मात्र से सुख समृद्धि मिलने की उम्मीद होती है कि मां पीतांबरा देवी सत्ता भी देती है. यही वजह अधिकारी और नेता मां के दरबार में पहुंचकर अपनी मनोकामना मांगते हैं.
दतिया में भी चारों और कोहरा छाया हुआ है, लेकिन इके बावजूद घने कोहरे और गलाने वाली सर्दी के बाद भी भक्त गढ़ के दरबार में पहुंच रहे है. मां पीतांबरा देवी मंदिर पर एक दिन पहले ही सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस बल की भी पहले से अधिक तैनाती की गई है.
नववर्ष के पावन अवसर पर मां शारदा धाम मैहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. नए साल के आगाज पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा. श्रद्धालुओं ने माँ शारदा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की.
नववर्ष पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला. दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मां के चरणों में शीश नवाया. भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे दर्शन सुचारु रूप से संपन्न हो सके. श्रद्धालुओं का कहना है कि मां शारदा के दर्शन से नए साल की शुरुआत करना सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.