Advocate murder MP: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की करैरा तहसील में हुए चर्चित वकील हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एडवोकेट संजय सक्सेना की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता सिंगडौआ ग्राम पंचायत का पूर्व सरपंच सुनील शर्मा निकला है. पुलिस के अनुसार 10 साल पुरानी चुनावी रंजिश का बदला लेने के लिए सुनील शर्मा ने शार्प शूटरों को 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी.
चुनावी रंजिश और जमीनी विवाद बना वजह
रविवार रात को मामले का खुलासा करते हुए शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि वारदात के पीछे पुरानी चुनावी रंजिश और जमीनी विवाद मुख्य कारण रहे. वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए सुनील शर्मा और संजय सक्सेना आमने-सामने थे. चुनाव में सुनील शर्मा विजयी हुआ, लेकिन इसके बाद से वह संजय सक्सेना से रंजिश रखने लगा.
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शिवपुरी में एडवोकेट संजय सक्सेना की हत्या के आरोपी सुनील शर्मा व अन्य शूटर.
पहले भी मिल चुकी थी धमकी, पुलिस में हुई थी शिकायत
बताया जा रहा है कि रंजिश के चलते संजय सक्सेना को जान का खतरा महसूस होता था. उन्होंने कई बार पुलिस से शिकायत भी की थी. मामला थाने तक पहुंचा तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश देकर सुलह कराई थी. इसके बावजूद सुनील शर्मा की दुश्मनी खत्म नहीं हुई. आखिरकार उसने शार्प शूटरों को दस लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या की साजिश रची.
24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी
करैरा पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों शूटरों को पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपियों में गोलू (25) पुत्र अरविंद रावत, पपेंद्र (23) पुत्र हरदास रावत और जहीर (24) पुत्र रफीक शामिल हैं. गोलू और जहीर घुघसी थाना बड़ौनी क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि पपेंद्र डबरा का रहने वाला है.
पुलिस के अनुसार पपेंद्र के पैर में शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान गोली लगी. बाद में मुख्य साजिशकर्ता सुनील शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है.
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