MP Budget Session 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है. 18 फरवरी को बजट पेश होगा. विपक्ष ने मोहन यादव सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. इंदौर दूषित पानी कांड, जबलपुर कफ सिरप केस आदि को लेकर एमपी बजट सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं. तीन मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पहले ही मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिख चुके हैं. वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायकों की बैठक भी बुलाई है.
12 बैठकें, पेपरलेस बजट और 4.80 लाख करोड़ का अनुमान
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा. इस दौरान कुल 12 बैठकें होंगी. मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे. यह मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा, जो कई मायनों में खास माना जा रहा है. इस बार न केवल पेपरलेस बजट पेश किया जाएगा बल्कि इसका आकार करीब 4.80 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले बजट से लगभग 12 प्रतिशत अधिक है.

एमपी बजट सत्र के लिए MLA ने लगाए 3478 सवाल लगाए
बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यपाल मंगूभाई पटेल अपने अभिभाषण में डॉ. मोहन यादव सरकार की उपलब्धियां पेश करेंगे. बजट सत्र के लिए विधायकों ने 3478 सवाल लगाए हैं, जिनमें से 2253 सवाल ऑनलाइन और 1225 ऑफलाइन पूछे गए हैं. साथ ही विधायकों ने 192 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की सूचनाएं दी हैं. विपक्ष की तरफ से 8 स्थगन प्रस्ताव भी भेजे गए हैं. इससे साफ है कि सत्र के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर जवाब देना पड़ सकता है.
बजट सत्र में पेश हो सकते हैं कई अहम विधेयक
एमपी विधानसभा के बजट सत्र में मोहन यादव सरकार श्रम विभाग से जुड़े तीन, विधि विभाग से जुड़े दो और वित्त विभाग के दो विधेयकों समेत आधा दर्जन से ज्यादा विधेयक पेश कर सकती है. विधायकों के वेतन-भत्तों से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की चर्चा है. इसके अलावा श्रम विभाग से जुड़े दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन कर ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालित करने की अनुमति दी जा सकती है.
नेता प्रतिपक्ष ने बुलाई कांग्रेस विधायकों की बैठक
मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2026 में मोहन यादव सरकार को घेरने की तैयारी तेज है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 16 फरवरी को शाम 7 बजे भोपाल में विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.
जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री को पत्र
बजट सत्र से पहले 12 फरवरी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र भेजा. पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, लेकिन सरकार ने इस ओर आंखें मूंद रखी हैं. उन्होंने यह भी लिखा कि बजट सत्र में ऐसे मंत्री भी मौजूद रहेंगे, जिनकी मंत्रिमंडल में मौजूदगी अब उपयोगिता से जुड़े सवाल खड़े कर रही है.
तीन मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने तीन कैबिनेट मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है. उन्होंने मंत्री विजय शाह पर सेना और देश की बेटी के अपमान का आरोप लगाया. स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर जहरीली सिरप मामले को लेकर सवाल उठाए. वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर इंदौर में दूषित पानी को लेकर निशाना साधा. ऐसे में स्पष्ट है कि बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव देखने को मिल सकता है.
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