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रहस्यों से भरा है 1100 फीट ऊंचे त्रिकुट पर्वत का अद्भुत देवी धाम, यहां घटती हैं अविश्वसनीय घटनाएं, जानें मां झांपि भगवती देवी की रहस्यमयी कहानी

Mysterious Temples: मां झांपी भगवती देवी 1100 फीट ऊंचे त्रिकुट पर्वत पर विराजमान हैं. यह मंदिर का ऐतिहासिक के साथ-सात रहस्यमयी भी है.

रहस्यों से भरा है 1100 फीट ऊंचे त्रिकुट पर्वत का अद्भुत देवी धाम, यहां घटती हैं अविश्वसनीय घटनाएं, जानें मां झांपि भगवती देवी की रहस्यमयी कहानी
Maa Jhanpi Bhagwati Devi: मां झांपी भगवती देवी 1100 फीट ऊंचे त्रिकुट पर्वत पर स्थित है.

Maa Jhanpi Bhagwati Devi: मध्य प्रदेश के विंध इलाके में बसे सिंगरौली यूं तो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. यहां की हर एक जगह अपने भीतर एक अनोखी कहानी समेटे हुए है. ऐसा ही एक स्थान सिंगरौली जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर स्थित पिपरा झांपी गांव में है, जहां त्रिकूट पर्वत पर विराजमान झांपी भगवती देवी (Maa Jhanpi Bhagwati Devi) का ऐतिहासिक मंदिर कई अद्भूत रहस्यों के लिए जाना जाता है.

आपदा-विपत्ति के दौरान माता करती हैं ग्रामीणों की रक्षा 

मान्यता है कि गांव में जब भी कोई विपत्ति, आपदा, समस्या आती है तो देवी भगवती ग्रामीणों को आवाज देकर पुकारती है, जिसकी गूंज लोगों के कानों तक सुनाई देती है. माता की आवाज सुनकर इस गांव में रहने वाले लोग घटना के पहले ही घटित होने वाली घटना को जान लेते हैं. यही वजह है कि यहां माता के दर्शन के लिए दूर दराज से भक्तों का जनसैलाब उमड़ा है.

1100 फीट ऊंचे पर्वत की शिखर पर विराजमान हैं मां

मां झांपी भगवती देवी 1100 फीट ऊंचे त्रिकुट पर्वत पर स्थित हैं.  यहां तक पहुंचने के लिए भक्तों को कठिन और जोखिम भरे राहों पर चलना होता है. दरअसल, यहां तक पहुंचने के लिए कटीले झाड़ियों, पर्वत की ऊंची-ऊंची चट्टानों को पार करते हुए 1100 फीट ऊंचे पर्वत की शिखर पर पहुंचते हैं, जहां मां झांपी भगवती देवी विराजमान हैं. कहा जाता है कि माता के दर्शन करने से भक्त के मन को असीम शांति मिलती है.

मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की उमड़ती है भीड़

स्थानीय लोगों ने बताया कि देवी मां के इस मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने और सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

यहां माता लगाती है ग्रामीणों को आवाज

मां झांपी पिपरा भगवती देवी के प्रति लोगों के बीच अटूट आस्था है. त्रिकुट पर्वत पर विराजमान माता की प्रतिमा प्राचीन है.  यहां मंदिर भी था, जिसका प्रमाण आज भी मौजूद है. कहा जाता है कि प्राचीन समय में मां के मंदिर में डैकत घुस गए थे, जिसके बाद माता ने ग्रामीणों को आवाज दी थीं.  उसी रात डकैतों ने देखा कि माता के प्रतिमा से आवाज आ रही है, तब गुस्से में आकर डकैतों ने प्रतिमा को ले जाने का प्रयास किया, लेकिन मां इस स्थान से हिल भी नहीं पायीं. जिसके बाद डकैतों ने  माता की प्रतिमा पर तलवार से वार कर दिया, जिसका निशान आज भी मौजूद है. 

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