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This Article is From Sep 04, 2023

जबलपुर के 125 साल पुराने स्कूल की अनोखी परंपरा, देश-विदेश से आए पूर्व छात्रों ने किया गुरु वंदन

1973 बैच के 50 साल पूरे होने और 1998 बैच के 25 साल पूरे होने के मौके पर इन बैचेस का पुनर्मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था. देश-विदेश से सभी पूर्व छात्र कार्यक्रम में शामिल हुए. एक दूसरे को देखकर सभी भावुक हो गए और अपने पुराने दिनों को याद किया.

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जबलपुर के 125 साल पुराने स्कूल की अनोखी परंपरा, देश-विदेश से आए पूर्व छात्रों ने किया गुरु वंदन
जबलपुर में पूर्व छात्रों ने किया पूर्व शिक्षकों का सम्मान

मध्य प्रदेश के जबलपुर में 125  साल से ज्यादा पुराने पंडित लज्जा शंकर झा मॉडल हाई स्कूल में शिक्षक दिवस का आयोजन बहुत ही अनोखे अंदाज में किया जाता है. इस आयोजन में स्कूल के पूर्व छात्र अपने पूर्व शिक्षकों का सम्मान करते हैं. इस साल भी कार्यक्रम का आयोजन बहुत ही धूमधान से हुआ. कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्र संगठन मॉडेलियन ने गुरूवंदन  का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में आईएएस, (पूर्व प्रमुख सचिव व सूचना आयुक्त म प्र शासन ) और मॉडल हाई स्कूल के 1973 बैच के पूर्व छात्र मुख्य अतिथि थे. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र और पूर्व शिक्षक मौजूद रहे. गुरुवंदन की यह परंपरा 1970 से चली आ रही है. इसे स्व. रामेश्वर प्रसाद गुरू ने शुरू किया था.

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पुराने छात्रों को देख भावुक हुए शिक्षक

 कार्यक्रम के दौरान पूर्व शिक्षक प्रो. गिरिजाशंकर चौकसे, 1973 बैच के संयोजक बसंत अग्रवाल और 1998 बैच के संयोजक आशीष नामदेव की मौजूदगी में पूर्व छात्रों और पूर्व शिक्षकों ने खड़े होकर शाला प्रार्थनाओं का गायन किया. यह क्षण सभी के लिए बहुत भावुक कर देने वाला था. इस कार्यक्रम में पू्र्व छात्र संगठन मॉडेलियन के गिरिजाशंकर चौकसे सबसे सीनियर स्टूडेंट थे. उन्होंने 73 साल पहले यानी कि साल 1950 में मैट्रिक किया था.

गुरु वंदन के जरिए शिक्षकों को अनोखा सम्मान

 75 साल की उम्र पूरी करने पर पूर्व शिक्षक प्रभात रिछारिया का इस अवसर पर विशेष सम्मान किया गया. इसके बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अरुण पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूल की पढ़ाई ही वो बुनियाद होती है, जिसमें हमारे सफल जीवन की इमारत खड़ी होती है. हम जो कुछ बने वो हमारे स्कूल की ही देन है. बता दें कि कार्यक्रम के दौरान जबलपुर के बाहर से आए सभी पूर्व शिक्षकों  का गुरु वंदन पूर्व छात्रों ने किया. इस दौरान सीनियर शिक्षकों का गुरुवंदन किया गया.

फिर से मिले 1973 और 1998 बैचेस के छात्र 

 बता दें कि 1973 बैच के 50 साल पूरे होने और 1998 बैच के 25 साल पूरे होने के मौके पर इस साल इन बैचेस का पुनर्मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था. देश-विदेश से सभी पूर्व छात्र कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने शाला भ्रमण किया साथ ही गुरुजनों का आशीर्वाद लिया. इस दौरान गुरुजन अपने पढ़ाए हुए छात्रों को देखकर बहुत ही खुश और भावुक हो गए.  इस दौरान छात्रों ने भी अपने शाला के दिनों को एक बार फिर से याद किया.

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