Fake Passport Racket: मध्य पद्रेश के जबलपुर जिले में फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. आरोपी पांच अफगानी नागरिकों की रिमांड खत्म होने के बाद 25 फरवरी 2026 को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने उन्हें जिला अदालत में पेश किया गया था. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट में हुई, जहां से आरोपियों को भेज के आदेश दिए गए. मामले में अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी.
अफगानी नागरिकों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं. ATS सूत्रों की माने तो आरोपी नजरों में आने से बचने के लिए बड़े शहरों के बजाय छोटे शहरों के पासपोर्ट कार्यालयों में आवेदन करते थे. यहां से वे फर्जी पता देकर पासपोर्ट बनवाते थे. पकड़े गए पांच आरोपियों ने दमोह पासपोर्ट कार्यालय से जबलपुर के पते पर अपने पासपोर्ट बनवाए थे. जांच में सामने आया है कि आरोपी अफगानी नागरिक कई साल पहले भारत आकर कोलकाता में बस गए थे, जहां वे सूदखोरी के धंधे में लिप्त थे. जबलपुर में रहने वाले अफगानी नागरिक सोहबत खान के जरिए शहर के पते पर वर्ष 2024 में प्रति व्यक्ति करीब ढाई लाख रुपये लेकर उन्होंने पासपोर्ट बनवाए थे.
ये हैं पकड़े गए आरोपी अफगानी नागरिक
ATS की टीम ने आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया था, इसके बाद उन्हें जबलपुर लाया गया. पकड़े गए आरेपियों में जिया उल रहमान, सुल्तान, मोहम्मद रजा खान और सैयद मोहम्मद जफर खान शामिल हैं. आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट ने उन्हें 25 फरवरी तक रिमांड पर सौंपा था. रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें अब जेल भेज दिया गया है.
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इससे पहले भी जबलपुर में तीन अफगानी नागरिकों और उनके तीन स्थानीय मददगारों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अगस्त 2025 में छोटी ओमती क्षेत्र से अफगानी नागरिक सोहबत खान की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे फर्जी पासपोर्ट गिरोह का पर्दाफाश हुआ था.
और भी खुलासे हो सकते हैं
आरोपियों से पूछताछ में ATS को अन्य अफगानी घुसपैठियों की जानकारी भी मिली है. ऐसे में नेटवर्क के अन्य सदस्यों और स्थानीय सहयोगियों की तलाश की जा रही है.