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Waste To Energy: जबलपुर का कचरा अब बचा रहा पैसा; वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट से 11.5 मेगावाट बिजली उत्पादन

Waste Management: कुछ समय पहले तकनीकी कारणों से वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट का संचालन बंद हो गया था, जिससे कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी. अब इसे नई एजेंसी द्वारा पुनः शुरू कर दिया गया है. प्लांट के शुरू होते ही कचरा निस्तारण और बिजली उत्पादन दोनों कार्य फिर से तेज गति से चल पड़े हैं.

Waste To Energy: जबलपुर का कचरा अब बचा रहा पैसा; वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट से 11.5 मेगावाट बिजली उत्पादन
Waste To Energy: जबलपुर का कचरा अब बचा रहा पैसा; वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट से 11.5 मेगावाट बिजली उत्पादन

Waste To Energy Plant Jabalpur: शहर को कचरा‑मुक्त और ऊर्जा‑आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जबलपुर (Jabalpur) का वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट (Waste To Energy Plant) तेजी से कारगर साबित हो रहा है. पहले बोझ समझा जाने वाला कचरा अब शहर के लिए मूल्यवान ऊर्जा स्रोत बन गया है. प्लांट में प्रतिदिन 800 टन से अधिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया जा रहा है, जिससे लगभग 11.5 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. इससे नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये की बचत हो रही है. नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने हाल ही में प्लांट का निरीक्षण कर इसकी कार्यप्रणाली को विस्तार से समझा. उन्होंने कचरे से बिजली बनने की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया और इसे शहर की स्वच्छता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. आयुक्त ने कहा कि प्लांट पूर्ण क्षमता से संचालित हो रहा है, जिससे शहर के स्वच्छता अभियान को बड़ी मजबूती मिलेगी.

बंद रहने के बाद फिर से पटरी पर आया प्लांट

कुछ समय पहले तकनीकी कारणों से वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट का संचालन बंद हो गया था, जिससे कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी. अब इसे नई एजेंसी द्वारा पुनः शुरू कर दिया गया है. प्लांट के शुरू होते ही कचरा निस्तारण और बिजली उत्पादन दोनों कार्य फिर से तेज गति से चल पड़े हैं. नगर निगम के मुताबिक प्लांट के नियमित रूप से चलने से शहर की सफाई व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी और कचरा प्रबंधन का भार काफी कम होगा. निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त ने कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि प्लांट को 24 घंटे लगातार संचालित रखा जाए, ताकि रोजाना एकत्रित कचरे का समय पर और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शहर में कहीं भी कचरा जमा न हो और इसकी प्रोसेसिंग बिना रुकावट जारी रहे.

कचरा प्रबंधन का मॉडल बनेगा उदाहरण

वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट शहर के लिए केवल ऊर्जा का नया स्रोत नहीं, बल्कि सस्टेनेबल कचरा प्रबंधन का मॉडल भी है. इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलकर शहर को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा. नगर निगम को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह परियोजना प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल साबित होगी.

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