Valentine Week 2026: झीलों का शहर भोपाल इन दिनों प्रेम, रौनक और कारोबार तीनों का उत्सव बन गया है. वैलेंटाइन वीक की शुरुआत होते ही शहर के फूल बाजारों में रौनक लौट आई है. यहां प्यार शोर नहीं करता, बस चुपचाप एक गुलाब थमा देता है. शायद यही वजह है कि हर साल फरवरी आते ही भोपाल फिर से प्यार में पड़ जाता है. फरवरी की हल्की ठंड और गुलाबी मौसम के बीच भोपाल इन दिनों मोहब्बत की खुशबू से महक उठा है. 10 नंबर मार्केट, न्यू मार्केट, इतवारा, बुधवारा और एमपी नगर के फूल विक्रेताओं के लिए यह सप्ताह साल का सबसे व्यस्त और खास समय बन गया है. सुबह से देर रात तक गुलाब, लिली और जरबेरा की तेज़ खरीदारी देखी जा रही है. पढ़िए मानसी झा की रिपोर्ट.

सुबह होते ही मंडियों में भीड़, बढ़ी मांग
फूल मंडियों में हलचल तड़के चार बजे ही शुरू हो जाती है. ट्रकों से उतरते रंग-बिरंगे फूलों से बाजार का नज़ारा बेहद आकर्षक दिखता है. दुकानदार बता रहे हैं कि वैलेंटाइन वीक में मांग सामान्य दिनों के मुकाबले तीन से चार गुना बढ़ जाती है. 10 नंबर मार्केट के फूल व्यापारी रईस खान बताते हैं कि “वैलेंटाइन वीक हमारे लिए सबसे खास होता है. इस समय गुलाब की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है और दुकान दिनभर खाली नहीं होती.”

कीमतों में उछाल, लेकिन खरीदारों की कमी नहीं
बढ़ती मांग का असर दामों पर भी साफ नजर आ रहा है. सामान्य दिनों में 10–15 रुपये में बिकने वाला गुलाब इन दिनों 40 से 60 रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि कीमतें बढ़ने के बावजूद खरीदारों की भीड़ कम नहीं हो रही. फूल खरीदने आए आईटी कर्मचारी राहुल वर्मा ने मुस्कुराते हुए कहा, “महंगे जरूर हैं, लेकिन साल में एक बार तो बनता है. फूल से बेहतर प्यार जताने का कोई तरीका नहीं है.”

राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में संचालित अभिषेक फ्लोरिस्ट के मालिक बताते हैं कि इस बार फूलों की कीमतों में काफी उछाल है. क्वालिटी और साइज के अनुसार 50-60 रुपए तक भाव पहुंच गया है. जैसे-जैसे मार्केट में खपत होगी फूलों की कीमतों में भी अंतर दिखेगा. अक्षय बताते हैं कि हम 15 दिनों तक फूलों को स्टोर कर सकते हैं. लेकिन इन दिनों शादियों की वजह से फूलों की डिमांड काफी बढ़ गई है.
हर खरीदार की अपनी कहानी, अपनी भावनाएँ
फूल बाजारों में सिर्फ कारोबार नहीं, भावनाएँ भी खरीद‑बेची जाती हैं. कॉलेज स्टूडेंट अंजलि पहली बार फूल खरीदने आई थीं. वह बोलीं, “पहली बार किसी को फूल देने जा रही हूँ. थोड़ी घबराहट है, लेकिन खुशी भी है.” वहीं, शादीशुदा महिला पूजा शर्मा गुलदस्ता चुनते हुए कहती हैं, “शादी के बाद भी प्यार जताना जरूरी है. फूल छोटी चीज़ है, पर एहसास बड़ा होता है.”
शाम होते ही सड़कों पर दिखती है मोहब्बत की चमक
शाम ढलते ही बड़ा तालाब, वीआईपी रोड और डीबी मॉल के आसपास युवक-युवतियाँ और परिवार हाथों में गुलाब लिए नजर आने लगते हैं. फूल विक्रेता सलीम बताते हैं कि “पहले सिर्फ कॉलेज के बच्चे आते थे, अब परिवार और शादीशुदा कपल भी उतनी ही संख्या में फूल खरीदते हैं.”
छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी कमाई
वैलेंटाइन वीक छोटे व्यापारियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं. कई दुकानदार बताते हैं कि इस एक हफ्ते की कमाई महीनेभर का खर्च निकाल देती है. न्यू मार्केट के दुकानदार अशोक मालवीय कहते हैं, “महंगाई के बावजूद बिक्री बहुत अच्छी है. प्यार के सामने लोग कीमत नहीं देखते.”
मानसी झा, पत्रकारिता की स्टूडेंट हैं. ये स्टोरी उनके इंटर्नशिप प्रोजेक्ट का हिस्सा है.
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