Dhar Bhojshala: बसंत पंचमी (Basant Panchami 2026) शुक्रवार को है और यह दिन मध्य प्रदेश की धार जिले में स्थित भोजशाला (Dhar Bhojshala) के लिहाज से अहम है, क्योंकि यहां सरस्वती पूजा और जुमे की नमाज होना है. प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है. भारी पुलिस बल की तैनात की गई है. बसंत पंचमी के अवसर पर सुबह से ही धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला–कमाल मौला मस्जिद परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. तड़के से ही बड़ी संख्या में लोग मां वाग्देवी की पूजा‑अर्चना के लिए पहुंचने लगे. हिंदू समाज के श्रद्धालुओं ने परंपरागत ढंग से वाग्देवी (सरस्वती) के तेल चित्र की विधिवत पूजा की और परिसर में पूरे दिन भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा.

Dhar Bhojshala: बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा
पूजा और नमाज दोनों को मिली है अनुमति
धार की भोजशाला लंबे अरसे से विवाद में है. हिंदू इसे सरस्वती मंदिर मानते है और पूजा करते है वहीं मुस्लिम समाज इसे कमाल मौला की मस्जिद बताते हुए नमाज पढ़ते हैं. यहां मंगलवार को हिंदुओं को पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति है.
#WATCH धार (मध्य प्रदेश): भोजशाला में वसंत पंचमी उत्सव मनाया जा रहा है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 23, 2026
धार SP मयंक अवस्थी ने कहा, "इस आयोजन को लेकर व्यापक व्यवस्था सुरक्षा के प्रबंधन किए गए हैं। पुलिस बल को यहां तैनात किया गया है। इसमें हमारे पास RAF और CRPF भी यहां तैनात हैं....एक-एक गली हमारी निगरानी में… pic.twitter.com/93KASuWKmd
ऐसी है सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. पूरे परिसर और शहर में सिक्स‑लेयर सुरक्षा लागू की गई. सुरक्षा घेरा सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल, विशेष वज्र एवं एफआरवी यूनिटों, तथा तैनात मेडिकल टीमों के सहयोग से तैयार किया गया था. इसके अलावा डॉग स्क्वॉड, ड्रोन कैमरा यूनिट और शहरभर में लगाए गए हाई‑रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की गई. सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी साइबर सेल की विशेष टीम नजर बनाए हुए थी.
सुरक्षा प्रबंधन को लेकर धार एसपी मयंक अवस्थी ने मीडिया से कहा कि पूरे शहर को उच्च सुरक्षा श्रेणी में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में विशेष रूप से पुलिस बल तैनात किया गया. ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए निरंतर मॉनिटरिंग की गई. उन्होंने बताया कि भोजशाला परिसर को सुरक्षा की दृष्टि से दो हिस्सों में विभाजित कर व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा दोनों को बेहतर तरीके से संभाला जा सके. कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक प्रबंधन के बीच बसंत पंचमी का पूरा आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और कानून‑व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही.
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