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This Article is From May 17, 2025

SSP की सख्ती... 8 महीने में 12 पुलिस आरक्षकों को किया बर्खास्त, जानें क्यों लेना पड़ा ये फैसला ? 

Chhattisgarh News: सूरजपुर पुलिस का यह कदम न केवल विभागीय अनुशासन को सुदृढ़ करने का प्रयास है बल्कि आम जनता में पुलिस की जवाबदेही और कार्यशैली के प्रति विश्वास भी बढ़ाने का प्रयास है. इस तरह की पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई से पुलिस की साख को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

SSP की सख्ती... 8 महीने में 12 पुलिस आरक्षकों को किया बर्खास्त, जानें क्यों लेना पड़ा ये फैसला ? 

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई है. लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे दो आरक्षकों को सेवा से पृथक कर दिया गया है.पिछले 8 महीनों में अब तक 12 पुलिसकर्मियों को इसी तरह सेवा से पृथक किया जा चुका है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. 

अभी जिन आरक्षकों को नौकरी से बाहर किया गया है उनमें आरक्षक बलजीत पैकरा और अजय टोप्पो हैं. यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर की गई, जिन्होंने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का आदेश जारी किया.

दरअसल आठ महीने पहले जब पुलिस कप्तान प्रशांत कुमार ठाकुर को सूरजपुर जिले का जिम्मा सौंपा गया था, तब जिले में पुलिसिंग व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त थी. जिले में पुलिस परिवार पर ही हमला हुआ था और पुलिसकर्मी के पत्नी बच्ची की हत्या कर दी गई थी. तो सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिले की पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार करना था. जिसके लिए एसएसपी प्रशांत ठाकुर ने पुलिस कर्मियों को काम में लापरवाही न बरतने की सख़्त हिदायत दी थी.

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आरक्षक बलजीत पैकरा पिछले 130 दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से गैरहाजिर थे. जबकि आरक्षक अजय टोप्पो 62 दिनों से ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे.विभागीय जांच में दोनों को कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया. जिसके बाद दोनों को नौकरी से पृथक बर्खास्त कर दिया गया.पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार बिना अनुमति या सूचना के लगातार अनुपस्थित रहने को गंभीर अपराध माना जाता है. 

विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है 

पुलिस कप्तान के अनुसार जो भी कर्मचारी अपने काम की गरिमा को नहीं समझेंगे लापरवाही और कर्तव्यों का पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 8 महीनों में अब तक 12 पुलिसकर्मियों को इसी तरह सेवा से पृथक किया जा चुका है.हालांकि इस दौरान दो पुलिस कर्मी, जगदीश साहू, और सोमू प्रसाद सरगुजा रेंज के IG कार्यालय में अपील किए थे, जिसके बाद नसीहत देते हुए उन्हें नौकरी में बहाल कर दिया है. सूरजपुर में यह अभियान पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और कर्तव्यनिष्ठा को बढ़ावा देने के लिए चलाया जा रहा है.

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SSP की सख्ती से विभाग में हड़कंप 

इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है.अन्य कर्मचारियों को भी यह स्पष्ट संकेत मिला है कि ड्यूटी में लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी जांचें की जाएंगी और अगर किसी अन्य कर्मचारी के खिलाफ भी इस तरह की शिकायतें मिलती हैं तो उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे.

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