
Naxal Surrender News: नक्सलियों के खिलाफ बुलंदी से मोर्चा खोले हुए छत्तीसगढ़ सरकार में डिप्टी CM विजय शर्मा ने गुरुवार को दंतेवाड़ा में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- कोई भी नक्सली सरेंडर करता है तो उसे जेल नहीं भेजेंगे और जब तक उनका पुनर्वास नहीं हो जाता तब तक सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी. नक्सलियों की ओर से शांति वार्ता के प्रस्ताव पर भी उन्होंने साफ किया कि ऐसा नहीं होता कि 6 महीने सुरक्षा बलों को रोक दो तो वार्ता करेंगे...यहां कैंप मत लगाओ तो बात करेंगे...ऐसा नहीं होता है. बात करने के लिए सब तैयार हैं. नक्सलियों से सरकार खुले मन से बात करने को तैयार है लेकिन इसके लिए शर्तों वाली बात नहीं होनी चाहिए.
छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM का बड़ा बयान-कितना भी बड़ा नक्सली हो, सरेंडर करे, जेल नहीं भेजेंगे #Chhattisgarh pic.twitter.com/mNupdzcu3f
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) April 3, 2025
दरअसल डिप्टी CM विजय शर्मा दंतेवाड़ा बस्तर पंडुम कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची थे. कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए. इसी दौरान उन्होंने कहा- नक्सली ये न सोचें कि सरकार को पता नहीं है. सरकार की जानकारी में सब है. कितने नक्सली हैं, उनके गिनती कितनी है और वो कहां है...ये सब हम जानते हैं. डिप्टी CM से पूछा गया था कि नक्सलियों ने लेटर जारी करके कहा है कि उनके 400 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं तो क्या बचे हुए नक्सली सरेंडर करेंगे या उनका भी खात्मा होगा. इसी के जवाब में विजय शर्मा ने कहा- जिन्होंने भी आज तक सरकार के समक्ष सरेंडर किया है उनमें से किसी एक को भी जेल नहीं भेजा गया है. अब भी आपराधिक प्रकरणों को तो छोड़ दो आप मैं कह रहा हूं कि जब उनका लाइफ सेट नहीं होता तब तक सरकार उनके साथ रहेगी. इसी वजह से मेरा नक्सलियों ने विनम्र निवेदन है कि वे गोलीबारी और लोगों की हत्या करने की जगह पर सामने आएं, चर्चा करें और सरेंडर करें. सरकार उनके साथ रहेगी. सरकार उनके पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी लेगी.
बता दें कि 4-5 अप्रैल को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं. वे यहां पर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे और नक्सल-विरोधी अभियानों (Anti Naxal Operation) की भी समीक्षा करेंगे.गृह मंत्री ने देश में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का लक्ष्य रखा है. उन्होंने बार-बार माओवादियों से आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि सरकार उनका उचित पुनर्वास करेगी. गौरतलब है कि साल 2025 में अब तक 119 नक्सलियों के शव विभिन्न मुठभेड़ों के बाद बरामद हो चुके हैं, जो माओवादी संगठन के लिए बड़ा नुकसान है.
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