
Ambikapur Medical College Hospital: छत्तीसगढ़ के सरगुजा (Surguja) संभाग के एक मात्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हमर लैब में 20 दिनों से किडनी, हृदय एवं लीवर से संबंधित जांच पूरी तरह से बंद है. इसकी वजह से मरीजों को ऊंचे दाम देकर निजी पैथोलॉजी में ये जांच करना पड़ रहा है. जांच नहीं होने का असर ग्रामीण क्षेत्र के मरीज पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है. ये लोग जानकारी के अभाव में अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं. वहीं, मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इन जांचों के शुरू होने में अब भी एक सप्ताह से ज्यादा का समय लग सकता है. क्योंकि लैंब में रीजेंट केमिकल की उपलब्धता नहीं है.
निजी पैथोलॉजी लैब में कट रही है जेब
दरअसल, अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हाईटेक हमर लैंब में 272 प्रकार के टेस्ट की सुविधा है, जो पूरी तरह से निशुल्क है. इसके लिए लैब में अत्याधुनिक उपकरणों के साथ कर्मचारियों की भी अच्छी खासी संख्या है. वहीं, मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित होने के कारण यहां मेडिकल कॉलेज के PG के छात्र भी अपनी सेवाएं देते हैं, लेकिन हाल के दिनों में बजट की कमी का असर अब लैब में भी दिखाई पड़ना शुरू हो गया है. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रीजेंट केमिकल पिछले 20 दिनों से नहीं होने कारण लिवर, किडनी, हृदय व शुगर की जांच बंद है. ऐसे में इसका सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं और वृद्ध जनों पर पड़ा है. ऐसे में अब मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब में जाना पड़ रहा है. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह जांच पूर्णतया निशुल्क होती है, जबकि निजी पैथोलॉजी में इस जांच के लिए 700 से 800 रुपए का खर्च आ रहा है. ऐसे में मरीज के परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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एक सप्ताह का समय और लगेगा
वहीं, इस संबंध में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ आरसी आर्या का कहना कि रीजेंट केमिकल नहीं होने के कारण कुछ जांच नहीं हो रही हैं. जिन मरीजों को इन जांचों की अत्यंत आवश्यकता है उनका निजी पैथोलॉजी लैब से करवाया जा रहा है. डॉ आर्य ने बताया कि सीजीएमएस से बजट नहीं मिलने के कारण प्रबंधन के द्वारा रीजेंट केमिकल की खरीदारी नहीं हो पाने से ऐसी स्थिति हुई है. उन्होंने ने बताया कि बजट प्राप्त हो चुका है जल्द ही रीजेंट केमिकल की खरीदी जाएगी. फिर भी इन जांचों को अभी शुरू होने में एक सप्ताह का समय लग सकता है.
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