मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने शाहगढ़ स्थित ‘चायगढ़ कैफे' से खुद को डीएसपी और आरक्षक बताने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के पास से पुलिस वर्दी और बिना नंबर की नई बोलेरो वाहन बरामद की गई है.
होमगार्ड में नौकरी दिलाने का झांसा
थाना प्रभारी संदीप खरे के अनुसार, आरोपी होमगार्ड में नौकरी लगवाने का लालच देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठने की कोशिश कर रहे थे. मामले का खुलासा तब हुआ जब एक फरियादी ने उनकी गतिविधियों पर संदेह जताते हुए तत्काल थाना शाहगढ़ पुलिस को सूचना दी.
फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई कि शिवम चतुर्वेदी नामक युवक स्वयं को जबलपुर में पदस्थ डीएसपी बताकर होमगार्ड में नौकरी लगवाने का प्रलोभन दे रहा था. आरोपी ने नियुक्ति के नाम पर ₹1,00,000 की मांग की थी. उसने खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताकर जल्द भर्ती कराने का भरोसा भी दिलाया था. फरियादी को उसके हाव-भाव और बातचीत पर शक हुआ.

चाय की दुकान पर रची जा रही थी साजिश
18 फरवरी 2026 को शिवम चतुर्वेदी अपने दो साथियों के साथ शाहगढ़ पहुंचा. तीनों पुलिस वर्दी में थे और बिना नंबर की नई बोलेरो से आए थे. वे ‘चायगढ़ कैफे' पर फरियादी से मिलने पहुंचे थे. जैसे ही फरियादी को उनके फर्जी होने का शक हुआ, उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को हिरासत में ले लिया.
पूछताछ में खुली सच्चाई
पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में स्पष्ट हुआ कि तीनों आरोपी वास्तविक पुलिस अधिकारी या कर्मचारी नहीं हैं. वे सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान बनाकर नौकरी के नाम पर ठगी करने की साजिश रच रहे थे.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- शिवम चतुर्वेदी-फर्जी डीएसपी
- राजकुमार ठाकुर-फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर
- सतीश सिंह ठाकुर-फर्जी आरक्षक, निवासी बरही, जबलपुर
तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से संपर्क किया और कहीं किसी से ठगी तो नहीं की. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नौकरी या सरकारी भर्ती के नाम पर सीधे पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें. शाहगढ़ पुलिस की तत्परता और फरियादी की सतर्कता से एक संभावित बड़ा ठगी गिरोह समय रहते पकड़ा गया, जिससे कई लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सका.