Aadhaar Card deactivation: डिजिटल युग में आधार कार्ड किसी भी भारतीय नागरिकों की पहचान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण और जरूरी डॉक्यूमेंट है, लेकिन गलत हाथों में पड़ जाने पर आपका यही डॉक्यूमेंट आपके होश उड़ा सकता है. इससे भी बड़ा खतरा तब सामने आ सकता है, जब किसी अपने की मौत के बाद भी यह डॉक्यूमेंट एक्टिव रहता है.
जी हां, किसी भी आधार कार्ड होल्डर की मौत हो जाने पर उसका आधार नंबर सक्रिय रहता है, जिसका फायदा उठाकर मृतक के नाम से साइबर धोखाधड़ी अब आम हो चला है. इसलिए जरूरी है कि मौत के बाद संबंधित व्यक्ति का आधार कार्ड बंद या डिएक्टिवे करवा दिया जाए, अन्यथा अंजाम बुरा होना तय है.
ये भी पढ़ें-New Aadhaar App: आधार एप का फुल वर्जन लॉन्च; अब आप मोबाइल से ही कर सकेंगे घर बैठे ये काम
मृतक के एक्टिवेटेड आधार कार्ड का हो सकता है गलत इस्तेमाल
गौरतलब है किसी भी जीवित व्यक्ति का आधार कार्ड उसके मरने के बाद भी तब तक सक्रिय रहता है, जब तक उसको डिएक्टिवेट करने के लिए आवेदन नहीं किया जाए. डिएक्टिवेशन में जितनी देरी होगी, खतरा उतना ही अधिक होना तय है. साइबर ठग ऐसे ही आधार कार्ड के तलाश में रहते हैं, ताकि मृतक के आधार नंबर का इस्तेमाल कर लाभ उठा सकें.
मृतक के आधार का उपयोग कर सरकारी योजनाओं का लाभ
दरअसल, किसी आधार कार्ड होल्डर की मौत के बाद उसके परिवार वालों को मृत सदस्य का आधार कार्ड डिएक्टिवेट करवाना चाहिए. ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि मृत व्यक्ति की पहचान से जुड़ी कोई धोखाधड़ी न हो सके. यही नहीं, मृतक के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से भी नहीं चूकते हैं.
ये भी पढ़ें-LPG Cylinders Theft: गैस एजेंसी से सिलेंडर ले उड़े बदमाश, कुल 61 सिलेंडरों पर चोरों ने किया हाथ साफ
ये भी पढ़ें-आधार कार्ड अपडेट से हो रहा काला कारनामा, भूमि अधिग्रहण से किसान को मिला लाखों का मुआवजा ठगों ने उड़ाया
2 करोड़ से अधिक मृतकों का आधार नंबर डिएक्टिवेट किया गया
उल्लेखनीय है इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय के मुताबिक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI की ओर से आधार डेटाबेस की निरंतर सटीकता बनाए रखने के लिए हाल में एक राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान चलाया गया, जिसके तहत मृत व्यक्तियों के 2 करोड़ से अधिक आधार नंबरों को डिएक्टिवेट किया गया है.
जानें, आप कैसे करा सकते हैं मृतक का आधार कार्ड डिएक्टिवेट?
मृतक के आधार नंबर को डिएक्टिवेट उसके परिवार का सदस्य ही करवा सकता है. मृतक के परिजन इसक लिए खुद को प्रमाणित करने के बाद आधार पोर्टल पर उसका आधार नंबर और डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर और उसका डेमोग्राफिक डिटेल्स देना होगा और परिवार के सदस्य की जानकारी वेरिफाई होते ही नंबर को डिएक्टिवेट करने की प्रक्रिया शुरू होती है.
ये भी पढ़ें-Aadhar Card: उम्र का नहीं, केवल पहचान का दस्तावेज है आधार कार्ड, कोर्ट ने खारिज किया आयु प्रमाण का दावा
आप ऐसे कर सकते हैं मृतक का Aadhaar Card डिएक्टिवेट
- यूआईडीएआई पोर्टल https://myaadhaar.uidai.gov.in/ पर लॉगिन करें
- Report death of a family member पेज पर ओटीपी के जरिए होगा लॉग-इन
- मृतक की डिटेल्स आधार नंबर , नाम और मौत की तारीख दर्ज करें
- मृतक का मृत्यु प्रमाण-पत्र जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर सबमिट करें.
- UIDAI सभी डेटा का वेरिफिकेशन करेगी, फिर आधार डिएक्टिवेट करेगी.