opium farming in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर (Balrampur) जिले में अफीम की खेती के मामले में कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया है. लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे पटवारियों के खिलाफ एक्शन लेते हुए उनका तबादला कर दिया है. अचानक इस क्रिया से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है.
जानकारी के मुताबिक जिले के अलग-अलग 11 तहसील क्षेत्रों में काफी लंबे समय से राजस्व हल्का पटवारी जमे हुए थे, जिनके खिलाफ कलेक्टर ने ट्रांसफर आर्डर जारी करते हुए अलग-अलग जगहों पर भेज दिया है. इस प्रशासनिक कार्रवाई पर प्रशासन का कहना है कि प्रशासनिक फेरबदल से राजस्व कार्य प्रणाली में सुधार और कसावट लाया जा सकेगा, जिसकी वजह से जिले में हो रही अवैध गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने में मदद मिल सकती है.
कार्य में पारदर्शिता का दिया हवाला
बता दें इस बड़ी प्रशासनिक फेरबदल को राजस्व कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की नजर से देखा जा रहा है. दरअसल, लंबे समय से एक ही जगह पर राजस्व हल्का पटवारी जमे हुए थे, जिसकी वजह से राजस्व कार्यो में लापरवाही और अप्रदर्शिता होने की आशंका जताई जा रही थी, जिसकी वजह से प्रशासन की ओर से ये कदम उठाया गया है. हालांकि, इस कार्रवाई से प्रशासनिक कार्यों में चल रहे ढिलाई को जल्द दूर किया जा सकेगा.
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सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में जिले के अलग-अलग इलाकों में अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठ रहे थे. इसके बाद जिला प्रशासन ने राजस्व तंत्र पर सख्ती दिखाते हुए यह बड़ा फैसला लेते हुए एक साथ 58 राजस्व हल्का पटवारियों का तबादला कर दिया.
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