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सुप्रीम कोर्ट से रोक के बाद भी यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ MP में विरोध प्रदर्शन, सवर्ण समाज बोले- 'कानून वापस होने तक चलेगा आंदोलन'

UGC Rules Protest: मध्य प्रदेश के कई जिलों में UGC के नए नियमों को लेकर स्वर्ण समाज और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर पैदल मार्च किया. सवर्ण समाज के लोग पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की.

सुप्रीम कोर्ट से रोक के बाद भी यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ MP में विरोध प्रदर्शन, सवर्ण समाज बोले- 'कानून वापस होने तक चलेगा आंदोलन'

UGC Rules Protest in MP: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल 2012 के UGC नियम देशभर में लागू रहेंगे. वहीं सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद  UGC के नए नियमों को लेकर मध्य प्रदेश के कई जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. 

ग्वालियर में UGC के नए नियम को लेकर विरोध प्रदर्शन

इधर, ग्वालियर में UGC के नए नियमों को लेकर स्वर्ण समाज और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर पैदल मार्च किया. सवर्ण समाज के लोग पहले अलकापुरी चौराहे पर इकट्ठे हुए और उसके बाद चौराहे से लेकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. कलेक्ट्रेट के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का विरोध किया और यूजीसी नियम तत्काल वापस लेने की मांग की... फिर प्रदर्शनकारी ज्ञापन सौंपा.

सौंपे गए ज्ञापन में केंद्र सरकार से UGC के नए नियम वापस लेने मांग की गई. साथ ही  SC-ST एक्ट का भी किया विरोध करते हुए उसे भी रद्द करने की मांग की. ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा. 

कानून वापस लेने की मांग की

सतना में भी यूजीसी के नए के विरोध में शुक्रवार को सर्व समाज के लोगों ने सर्किट हाउस चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और राजनीतिक नेता एकत्रित हुए. प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका और इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की.

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यूजीसी द्वारा लाया गया यह कानून समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक है और इसका दुरुपयोग होने की पूरी संभावना है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियम वर्ग विशेष के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देता है और छात्रों व शिक्षण संस्थानों के हितों के विपरीत है. सर्व समाज ने कहा कि कानून के कारण आम छात्रों और शिक्षकों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ सकती है.

'नए कानून को वापस न लेना दुर्भाग्यपूर्ण है'

प्रदर्शन के दौरान यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में अदालत ने इस कानून के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए इस पर रोक लगाई है, जो यह साबित करता है कि कानून में गंभीर खामियां हैं. इसके बावजूद सरकार द्वारा इसे वापस न लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.

पुलिस बल तैनात

सतना में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. सभी ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि यूजीसी के इस कानून को पूरी तरह निरस्त किया जाए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शी व न्यायसंगत नीतियां लागू की जा. प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा... हालांकि मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था.

इधर, अशोकनगर में भी यूजीसी के नए नियम को लेकर सवर्ण समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और काले कानून को वापस लेने के लिए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया. बता दें कि आज सुबह जिला मुख्यालय के पास स्थित गांधी पार्क में भारी संख्या में सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए... इसके बाद नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां यूजीसी काला कानून वापस लेने की मांग की गई. सवर्ण समाज का कहना है कि जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता तब तक यह विरोध जारी रहेगा.

काली पट्टी बांधकर निकाली रैली

सागर जिले के बीना में शुक्रवार को सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने यूजीसी के नए नियमों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में लोग गांधी चौराहा पर एकत्र हुए, जहां महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए ड्राफ्ट के खिलाफ सरकार के विरोध में नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के साथ अन्याय हैं. विरोध दर्ज कराने के लिए सवर्ण समाज के लोगों ने काली पट्टी बांधकर एक विशाल रैली निकाली. रैली गांधी चौराहा से शुरू होकर कॉलेज तिराहा होते हुए सर्वोदय चौराहा तक पहुंची. रैली के दौरान पूरे मार्ग पर सरकार से नियमों को वापस लेने या उनमें संशोधन करने की मांग गूंजती रही. प्रदर्शन के चलते शहर की सड़कों पर भारी भीड़ देखने को मिली.

रैली में शामिल लोगों ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से कॉलेजों में भय और असंतुलन का माहौल बनेगा. उनका आरोप है कि इन नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी. प्रदर्शनकारियों ने यह भी आशंका जताई कि इन नियमों के लागू होने से उच्च शिक्षा में भेदभाव बढ़ेगा और समाज में जातिगत बंटवारा गहराने की संभावना है.

रैली के समापन पर सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अंबर पंथी को सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई कि यूजीसी के नए नियमों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन नियमों को वापस नहीं लिया, तो वो अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए आंदोलन को और तेज करेंगे.

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