मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की करेरा तहसील से सरकारी जमीन में हेरफेर का मामला सामने आया है. इस मामले की जांच कर रहे तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने 7 कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इनमें से दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है.
जांच में सामने आई बड़ी अनियमितताएं
दिनारा थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के अनुसार ग्राम जरगंवा अव्वल स्थित शासकीय भूमि में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं. यह मामला कलेक्टर शिवपुरी के निर्देश पर की गई जांच के बाद उजागर हुआ. डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ की जांच में सामने आया कि शासकीय भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में सुनियोजित तरीके से छेड़छाड़ की गई थी.
फर्जी दस्तावेज और रिकॉर्ड से छेड़छाड़
शिकायत में आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और फर्जी प्रकरण बनाए. दायरा पंजी में हेरफेर किया गया और खसरा के महत्वपूर्ण पन्ने फाड़कर गायब कर दिए गए. जांच में यह भी सामने आया कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नामांतरण किए गए, जिन्हें बाद में निरस्त कर दिया गया. इसके अलावा शासकीय भूमि के बटे नंबरों में भी अवैध रूप से बदलाव किया गया.
इन अधिकारियों-कर्मचारियों पर मामला दर्ज
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन कार्यालय कानूनगो जीवनलाल तिवारी (सेवानिवृत्त), रिकॉर्ड शाखा प्रभारी प्रताप पुरी, नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव, प्रवाचक लोकेन्द्र श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-3 (नकल शाखा) दिवंगत लालाराम वर्मा, हल्का पटवारी बृजेश यादव और दिवंगत पटवारी मुकेश चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.