विज्ञापन

वैलेंटाइन डे 2026 से पहले प्रेम की जीत: जंगल में ऐसे मिले दिल, बंदूक छोड़ थामी वरमाला, लव मैरिज में CM साय भी पहुंचे

Ex-Naxalite couple marries: वैलेंटाइन डे 2026 से पहले चार पूर्व नक्सिलयों की प्रेम की जीत हुई है. ये पूर्व नक्सली बंदूक छोड़ हमसफर का हाथ लिया. इस शादी में सीएम विष्णु देव साय भी पहुंचे और जोड़ों को आशीर्वाद दिया.

वैलेंटाइन डे 2026 से पहले प्रेम की जीत: जंगल में ऐसे मिले दिल, बंदूक छोड़ थामी वरमाला, लव मैरिज में CM साय भी पहुंचे

कहा जाता है कि प्रेम और विश्वास में वो ताकत होती है, जो बड़ी से बड़ी हिंसा को भी हरा सकती है. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर से आज कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामने आई हैं, जो लोकतंत्र की जीत और माओवाद की हार का सबसे खूबसूरत प्रमाण हैं. जिन हाथों में कल तक इंसास राइफल और एके-47 हुआ करती थी, आज उन हाथों में वरमाला है... जो कभी अबूझमाड़ के जंगलों में बारूद की गंध के बीच रहते थे, आज वे मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे ले रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में 4 पूर्व नक्सली जोड़ों ने हिंसा का रास्ता हमेशा के लिए छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया है. 

अग्नि को साक्षी मान 4 पूर्व नक्सलियों ने किया विवाह

नारायणपुर की ये तस्वीरें मात्र एक विवाह समारोह की नहीं, बल्कि बस्तर में बदलती हवाओं का ऐलान हैं. कल तक जो एक-दूसरे को 'लाल सलाम' किया करते थे, आज वो अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसरे के जीवनसाथी बन गए हैं. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का यह पंडाल गवाह बना है चार ऐसे जोड़ों के मिलन का, जिन्होंने जंगल की दहशत को पीछे छोड़कर समाज की मुख्यधारा को गले लगाया है.

Latest and Breaking News on NDTV

सीएम साय ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद इन नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया और उपहार भेंट कर उनकी नई जिंदगी की शुरुआत कराई. इन चेहरों की मुस्कान के पीछे एक खौफनाक अतीत छिपा है. ये वो लोग हैं जो कभी नक्सली संगठन में कमांडर और डॉक्टर हुआ करते थे.

Latest and Breaking News on NDTV

इन चार पूर्व नक्सलियों ने लिए सात फेरे

ये कहानी है रंजीत और कोशी की, जो कभी संगठन में PPCM जैसे पदों पर थे. यह नई शुरुआत है सुखलाल की, जिसे नक्सलियों का 'डॉक्टर' कहा जाता था और जो DVCM रैंक का लीडर था, उसने अपनी हमसफर कमला गोटा के साथ फेरे लिए. वहीं संगठन में PCCM रहे मासो मांडवी ने रीता कवासी का हाथ थामा, तो ACM रहे सनी राम ने सुशीला के साथ जीने-मरने की कसमें खाईं.

ऐसे शुरू हुई इन नक्सिलों की लव स्टोरी

ये चारों जोड़े जंगल में ही एक-दूसरे के संपर्क में आए थे, लेकिन वहां बंदूक के साये में न प्रेम के लिए जगह थी और न ही परिवार के लिए... वहां हर पल मौत का खौफ था.

इन पूर्व नक्सलियों ने बताया कि जंगल की जिंदगी में न भोजन का ठिकाना था और न ही सुरक्षित भविष्य का... संगठन की खोखली विचारधारा ने इनके हाथों में हथियार तो थमा दिए, लेकिन जीवन छीन लिया था. लेकिन जब राज्य सरकार की 'आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति' का उजाला उन तक पहुंचा, तो उन्होंने अंधेरों से निकलने का फैसला किया. आज इनके पास सरकार द्वारा दिया गया पक्का मकान है, राशन है, रोजगार के साधन हैं और सबसे बढ़कर- सिर उठाकर जीने का सम्मान है.

Latest and Breaking News on NDTV

उन्होंने बताया कि बंदूक की नली से निकली गोली सिर्फ विनाश करती है, लेकिन समाज का साथ और सरकार की नीतियां जीवन में सृजन कर सकती हैं.

नारायणपुर का यह विवाह समारोह अबूझमाड़ के जंगलों में भटक रहे अन्य युवाओं के लिए भी एक संदेश है- कि वापसी के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. मुख्यधारा में लौटने पर उनका स्वागत गोलियों से नहीं, बल्कि फूलों और सम्मान के साथ किया जाएगा.

ये भी पढ़ें: पोराबाई नकल प्रकरण: CGBSE की फर्जी टॉपर को 18 साल बाद मिली सजा, किसी और से पेपर लिखवा कर हासिल किए थे 484 अंक

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close