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This Article is From Nov 09, 2023

'तंत्र-मंत्र से आ जाएंगे पैसे, देनी पड़ेगी बलि', अंधविश्वास का काला खेल! तांत्रिकों ने कैसे रची हत्या की साजिश?

दरअसल सुरेन्द्र किसी की नरबलि देकर सिद्धि प्राप्त कर पैसा बनाना चाहता था इसलिए उसने अपने चचेरे भाई भगवानदास उर्फ रम्मू काछी के साथ मिलकर परिवार के इकलौते लड़के अंकित कौरव की नरबलि देने का षड्यंत्र रचा.

'तंत्र-मंत्र से आ जाएंगे पैसे, देनी पड़ेगी बलि', अंधविश्वास का काला खेल! तांत्रिकों ने कैसे रची हत्या की साजिश?
नरसिंहपुर में तांत्रिक ने की हत्या

Murder in Narsinghpur: बीते 4 नवंबर को गाडरवारा पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि गाडरवारा करेली रोड पर संतकुमार कौरव के खेत में एक नवयुवक की लाश (Dead Body) पड़ी है. उसके गले और सिर में किसी धारदार हथियार (Sharp Weapon) से गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं और मृतक के दाहिने हाथ की बीच की उंगली कटी थी जो उसके सिर के पास पड़ी मिली. यह शव था अंकित कौरव का. अंकित की किसी से दुश्मनी नहीं थी और लाश की कटी उंगली ने इस मामले को संदिग्ध बना दिया. काफी जांच के बाद भी जब कोई सूत्र नहीं मिला तो पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए 10,000 रुपए के इनाम की घोषणा कर दी.

पुलिस को खबर लगी कि मृतक अंकित कौरव आखिरी बार मोटर साइकिल से सुरेन्द्र काछी और रम्मू काछी के साथ गांव के बाहर गया था. पुलिस ने मुख्य संदेही सुरेन्द्र कुशवाहा (काछी) और रम्मू उर्फ भगवानदास कुशवाहा (काछी) दोनों से कड़ाई से पूछताछ की जिसमें मुख्य आरोपी सुरेन्द्र काछी ने खुलासा किया कि वह माता काली का उपासक है और गांव में तंत्र साधना करता है. मृतक अंकित कौरव 4 महीने पहले गंभीर रूप से बीमार हो गया था और उसे डॉक्टरी इलाज से आराम नहीं मिल रहा था. लिहाजा अंकित के परिजनों ने सुरेन्द्र काछी से उसकी झाड़-फूंक कराई जिससे अंकित के ठीक होने का दावा किया गया. 

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बलि के लिए तैयार हो गया अंकित

यही वजह रही कि अंकित और उसका परिवार आरोपी सुरेन्द्र काछी पर काफी विश्वास करने लगा. करीबन 15 दिन पहले अंकित के बहनोई एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज नागपुर में चल रहा है. उनके इलाज में काफी पैसा लग रहा था. अंकित इसके लिए आरोपी सुरेन्द्र काछी से संपर्क किया कि उसके बहनोई की हालत खराब है और उसे इलाज के लिए पैसों की जरूरत है.

इस बात पर सुरेन्द्र काछी ने अंकित से कहा कि वह तंत्र साधना से रुपए बना सकता है लेकिन इसके लिए पूजा में हाथ की उंगली काटकर बलि देनी पड़ेगी.

पैसों की जरूरत के चलते अंकित कौरव पूजा के लिए तैयार हो गया. 

प्रसाद में मिला दी नींद की दवा

दरअसल सुरेन्द्र किसी की नरबलि देकर सिद्धि प्राप्त कर पैसा बनाना चाहता था इसलिए उसने अपने चचेरे भाई भगवानदास उर्फ रम्मू काछी के साथ मिलकर परिवार के इकलौते लड़के अंकित कौरव की नरबलि देने का षड्यंत्र रचा. 3 नवंबर की शाम आरोपी सुरेन्द्र काछी और रम्मू काछी अंकित कौरव को लेकर गांव से निकले और टेकापार गाडरवारा रोड पर एक खेत में लेकर आए.

यहां मौका पाकर सुरेन्द्र काछी ने प्रसाद के लड्डू में नींद की गोलियां मिलाईं और घटनास्थल पर पूजा के दौरान अंकित कौरव को प्रसाद खिला दिया.

इससे अंकित कौरव बेहोश हो गया और मौका पाकर सुरेन्द्र काछी और रम्मू काछी ने अपने साथ लाए बांके से अंकित की गर्दन रेत दी.

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पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

उन्होंने अंकित के दाहिने हाथ की उंगली काटकर उसके सिर के पास रख दी. अंकित की मौके पर ही मौत हो गई. आरोपियों से पूछा गया कि सिमरिया से इतनी दूर घटना को अंजाम क्यों दिया तो सुरेन्द्र काछी ने बताया कि नरबलि देने के लिए गांव का मेढ़ा पार करना पड़ता है और नरबलि के लिए इकलौता पुत्र उपयुक्त रहता है. इसी कारण दोनों अंकित कौरव को लेकर खेत पर पहुंचे थे और वहां उन्होंने उसकी नरबलि दे दी. दोनों को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया.

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